सहरसा में नौकरी ठगी गिरोह का भंडाफोड़, 6 गिरफ्तार; बिहार पुलिस भर्ती परीक्षा में करोड़ों की ठगी का खुलासा
सहरसा। बिहार पुलिस भर्ती परीक्षा में नौकरी दिलाने के नाम पर अभ्यर्थियों से लाखों रुपये की ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का सहरसा पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। इस मामले में अब तक 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का दावा है कि गिरोह कई जिलों में सक्रिय था और करोड़ों रुपये की ठगी के नेटवर्क का संचालन कर रहा था।
जानकारी के अनुसार, सहरसा पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि शहर के शिवपुरी वार्ड-34 स्थित एक किराए के मकान में अभ्यर्थियों से 6 लाख रुपये लेकर नौकरी दिलाने का झांसा दिया जा रहा है। बदले में उनसे एडमिट कार्ड, शैक्षणिक प्रमाणपत्रों की मूल प्रतियां और हस्ताक्षरित ब्लैंक चेक जमा कराए जा रहे थे।
सूचना के आधार पर सदर थानाध्यक्ष अजय कुमार पासवान के नेतृत्व में पुलिस टीम ने छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान मौके से चंदन कुमार और चंदन कुमार यादव को गिरफ्तार किया गया। तलाशी में विभिन्न जिलों के दर्जनों अभ्यर्थियों के मूल शैक्षणिक प्रमाणपत्र, एडमिट कार्ड, कई ब्लैंक चेक तथा 5 मोबाइल फोन बरामद किए गए।
हेडक्वार्टर डीएसपी कमलेश्वर प्रसाद सिंह ने बताया कि जब्त मोबाइल फोन की जांच में व्हाट्सएप चैट, अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड और परीक्षा से जुड़े कई संदिग्ध संदेश मिले हैं। प्रारंभिक जांच में इससे एक बड़े संगठित नेटवर्क के सक्रिय होने के संकेत मिले हैं।
पूछताछ में मुख्य आरोपी ने स्वीकार किया कि वह वर्ष 2020 से नौकरी दिलाने का प्रलोभन देकर अभ्यर्थियों से दस्तावेज और ब्लैंक चेक लेता था। पुलिस के मुताबिक, अंतिम चयन होने पर प्रत्येक अभ्यर्थी से 6 लाख रुपये वसूले जाते थे। इसमें से 50 हजार रुपये आरोपी अपने पास रखता था, जबकि शेष राशि गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचाई जाती थी।
जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह का नेटवर्क सहरसा, मधेपुरा, कटिहार, भागलपुर, बेगूसराय, मधुबनी, गया और किशनगंज समेत कई जिलों तक फैला हुआ था। इससे आशंका है कि बड़ी संख्या में अभ्यर्थी इस गिरोह के जाल में फंस चुके हैं।
गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने बरियाही से विवेक कुमार को भी गिरफ्तार किया। पुलिस का दावा है कि उसके खेत से दो मोबाइल फोन बरामद हुए हैं, जिनमें परीक्षा के प्रश्नों के उत्तर और संदिग्ध व्हाट्सएप चैट मिली है।
इसी क्रम में पुलिस की सूचना पर पटना में एक अभ्यर्थी को ब्लूटूथ डिवाइस के साथ तथा किशनगंज में दूसरे अभ्यर्थी को संदिग्ध व्हाट्सएप चैट के आधार पर हिरासत में लिया गया।
इस मामले में पुलिस ने कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। साथ ही 12 नामजद और अन्य अज्ञात लोगों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं तथा बिहार लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) अधिनियम, 2024 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच तेज कर दी है। पुलिस पूरे रैकेट की तह तक पहुंचने में जुटी है।