सहरसा। उड़ान योजना में शामिल सहरसा हवाई अड्डा से शीघ्र ही हवाई सेवा प्रारंभ होगी। कार्य को गति प्रदान करने के लिए बिहार सरकार ने 2026-27 के बजट में 147 करोड़ का प्रविधान किया है।इस राशि से रनवे विस्तार किया जाएगा। 854 मीटर लंबाई वाले हवाई अड्डा का विस्तार कर इसे 1121 मीटर का बनाने के लिए जमीन अधिग्रहित की जाएगी।
19 सीटों वाले जहाज के उड़ान के लिए अतिरिक्त अनुमानित 12 एकड़ दो डिसमिल जमीन अधिग्रहण के लिए 67 खेसरा को पूर्व में ही चिह्नित कर लिया गया है। राशि प्राप्त होने से सहरसा हवाई अड्डा से शीघ्र उड़ान प्रारंभ होने की संभावना प्रबल हो गई है।
दो सर्वे के बाद जमीन अधिग्रहण का हो रहा था इंतजार:
वर्तमान हवाई अड्डा के पश्चिमी भाग में 67 रैयतों से 12 एकड़ दो डिसमील जमीन की खरीद की जाएगी। इससे हवाई अड्डा के विस्तार एवं निर्माण कार्य में तेजी आएगी। इससे पूर्व एयरपोर्ट आथारिटी की टीम ने पहले सर्वे में संभाव्यता रिपोर्ट तैयार की। दूसरे सर्वे के दौरान उड़ान में आनेवाली संभी बाधाओं को रेखांकित किया था। इस टीम ने रनवे से चारों तरफ मोबाइल टावर, भवन, पेड़ पौधों आदि का जायजा लिया।
सर्वे टीम द्वारा उड़ान में आनेवाले अवरोधों का अध्ययन किया गया। इलाके की जनसंख्या, रेलवे स्टेशन, स्कूल कॉलेज, मेडिकल कॉलेज आदि की जानकारी प्राप्त कर विस्तृत प्रतिवेदन तैयार कर विभाग को समर्पित कर दिया था। तब से भूमि अधिग्रहण की राशि का इंतजार किया जा रहा था।
एयरपोर्ट अथॉरिटी की टीम ने जो फिजिबिलिटी रिपोर्ट विभाग को समर्पित की थी, उसमें शहर के मध्य अवस्थित इस हवाई अड्डा के काफी लाभकारी होने का संकेत दिए हैं।
टर्मिनल बिल्डिंग व जहाज पार्किंग का शीघ्र शुरू होगा कार्य:
सहरसा हवाई अड्डा को क्षेत्रीय उड़ान योजना के अंतर्गत विमानों के सुगम परिचालन के मद्देनजर रनवे का विस्तार, पैसेंजर के लिए टर्मिनल बिल्डिंग, पार्किंग सुविधा, जहाज खड़ा करने का पार्किंग, एयर ट्रैफिक कंट्रोल रूम, पायलट के लिए रेस्ट फैसिलिटी, वीआईपी लॉज आदि की सुविधा दी जाएगी।
अभी हवाई अड्डा को 62 एकड़ भूमि उपलब्ध है। पश्चिम दिशा में रनवे विस्तार के लिए 12 एकड़ दो डिसमल जमीन की आवश्यकता को पूरा किया जा रहा है।
धार्मिक व पर्यटन स्थलों के बहुरेंगे दिन:
फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार करने आई टीम ने रेखांकित किया कि इस इलाके में शक्तिपीठ उग्रतारा धाम, कंदाहा सूर्य मंदिर, मटेश्वर धाम, कारू खिरहरि स्थान, चंडी स्थान, दिवारी विषहरा है। उड़ान प्रारंभ होने से इन महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों का काफी विकास होगा। यहां दूर- दूर से लोग आएंगे। इस क्षेत्र में बड़े-बड़े होटल, रेस्टोरेंट, गेस्ट हाउस आदि खुलेंगे।
इससे इलाके में रोजगार का अवसर बढ़ेगा ओर अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। हवाई अड्डा के उत्तरी भाग में टर्मिनल बिल्डिंग बनेगा, जहां कम से कम 200 यात्रियों के बैठने की व्यवस्था होगी। इस हवाई अड़्डा से सहरसा, मधेपुरा व सुपौल के अलावा खगड़िया जिले के लोग भी यात्रा कर सकेंगे।
उड़ान योजना के तहत हवाई अड्डा के रनवे विस्तार हेतु भूखंडों को चिह्नित कर राशि की अधियाचना की गई थी। सर्वे टीम द्वारा भी प्रक्रिया पूरी की गई है। बजट में भूमि अधिग्रहण हेतु राशि का प्रविधान किए जाने से निर्माण व विस्तार कार्य में तेजी आएगी। एयरपोर्ट अथॉरिटी द्वारा अन्य प्रक्रिया को पूरा किया जा रहा है। उम्मीद है कि शीघ्र ही ही सहरसा हवाई अड्डा से हवाई सेवा प्रारंभ होगी। - दीपेश कुमार, जिलाधिकारी, सहरसा