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तीन ट्रैक्टर छोड़ने के बदले 10 लाख की मांग का आरोप, पीड़ित ने एसपी से लगाई गुहार
पूरी खबर:
सोनवर्षाराज (सहरसा)। काशनगर थाना क्षेत्र से अवैध वसूली का एक गंभीर मामला सामने आया है। पीड़ित काशनगर निवासी रंजीत कुमार मेहता ने काशनगर थानाध्यक्ष और थाना वाहन के निजी चालक पर तीन ट्रैक्टर जबरन पकड़कर लाखों रुपये की अवैध वसूली का आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक को आवेदन सौंपा है और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
आवेदन के अनुसार, बीते 5 फरवरी को रंजीत कुमार मेहता निजी कार्य के लिए रैयत से आपसी सहमति के आधार पर खेत से मिट्टी कटवा रहे थे। इसी दौरान काशनगर थानाध्यक्ष बजरंगी कुमार द्वारा मिट्टी लदे तीन ट्रैक्टरों को पकड़कर थाना ले जाया गया। आरोप है कि इसके बाद थाना वाहन के निजी चालक दिलीप चौधरी ने फोन कर तीनों ट्रैक्टर छोड़ने के एवज में 15 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की।
पीड़ित का कहना है कि बाद में समझौते के बाद 10 लाख रुपये में तीनों ट्रैक्टर छोड़ने की बात तय हुई। इसमें से तीन लाख रुपये तुरंत नगद देने को कहा गया। इसके बाद रंजीत कुमार मेहता, माना कुमार और सुजीत यादव थाना पहुंचे, जहां दिलीप कुमार चौधरी और होमगार्ड रामदेव पासवान को तीन लाख रुपये नगद दिए गए। शेष सात लाख रुपये 6 फरवरी की शाम तक देने का करार बैलदौड़ थाना क्षेत्र के महिनाथनगर निवासी माना कुमार को साक्षी बनाकर तय किया गया, जिसके बाद तीनों ट्रैक्टर छोड़ दिए गए।
पीड़ित ने आरोप लगाया है कि इसके बाद लगातार शेष सात लाख रुपये देने का दबाव बनाया जा रहा है। रंजीत कुमार मेहता ने इस संबंध में थाना वाहन चालक का ऑडियो रिकॉर्ड भी पुलिस अधीक्षक को उपलब्ध कराने का दावा किया है।
वहीं, इस मामले में काशनगर थानाध्यक्ष बजरंग कुमार ने आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि आरोपी चालक को हटा दिया गया है और पैसे के लेनदेन का आरोप पूरी तरह बेबुनियाद है। अब मामले में पुलिस अधीक्षक स्तर से जांच की उम्मीद जताई जा रही है।