बिहार में सोमवार से इंटर की परीक्षा शुरू हो गई. सीवान जिले में टोटल 53 परीक्षा सेंटर बनाए गए हैं. प्रशासन ने परीक्षा को नकलमुक्त, शांतिपूर्ण और पारदर्शी बनाने के लिए खास तैयारियां की हैं.ऐसे में मामला डीएवी हाई स्कूल परीक्षा सेंटर से जुड़ा है. यहां देर से पहुंचने वाले स्टूडेंट्स को एंट्री नहीं दी गई, जिसके बाद गुस्साए लोगों ने जबरदस्ती धक्का देकर गेट खोल दिया.
स्टूडेंट्स के अभिभावकों ने क्या लगाया आरोप?
अभिभावकों का आरोप था कि सड़क जाम (सिसवन ढाला बंद होने और स्टेशन रोड पर भारी जाम) के कारण वे समय पर नहीं पहुंच पाए और उन्हें बाहर रखा गया. जबकि लेट से आई एक शिक्षिका को प्रवेश की अनुमति दी गई, जिससे मौके पर मौजूद अभिभावक और लोग आक्रोशित हो गए. उन्होंने आरोप लगाया कि छात्राओं के साथ भेदभाव हो रहा है.
गुस्साए लोगों ने गेट को धक्का देकर खोलने की कोशिश की और छात्राओं को अंदर प्रवेश करवाने का प्रयास किया. काफी समय के लिए सेंटर पर हंगामा होता रहा. पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर स्थिति नियंत्रित की और लोगों को वहां से हटाया. इसके अलावा जिले के दो अन्य परीक्षा सेंटरों पर भी लेट आने वाली शिक्षिकाओं के प्रवेश को लेकर लोगों ने विरोध जताया, जिससे कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मची.