फेक सिम बेचकर साइबर ठगी करने वाले दो पीओएस एजेंट गिरफ्तार, 20 हजार की ठगी का हुआ खुलासा
पूर्णिया। फेक सिम कार्ड के माध्यम से साइबर फ्रॉड करने वाले दो पीओएस (पॉइंट ऑफ सेल) एजेंटों को पूर्णिया पुलिस ने गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी फर्जी तरीके से सिम पोर्ट कराकर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे थे।
मामला स्थानीय न्यायालय में कार्यरत राहुल कुमार द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत से सामने आया, जिसमें मोबाइल नंबर 9006973701 के धारक के विरुद्ध 20 हजार रुपये की ठगी की प्राथमिकी साइबर थाना में दर्ज कराई गई थी। इसके आधार पर साइबर थाना कांड संख्या 95/25 दर्ज किया गया और अनुसंधान की जिम्मेदारी पुनि राजेश कुमार गुप्ता को सौंपी गई।
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर साइबर थाना और जिला आसूचना इकाई की एक विशेष टीम गठित की गई। साइबर थाना के डीएसपी चंदन कुमार ठाकुर ने बताया कि तकनीकी अनुसंधान और आसूचना संकलन के दौरान यह सामने आया कि जिस मोबाइल नंबर से ठगी की गई, वह चंद्रपाल मुखिया के नाम पर पंजीकृत है, जो अररिया जिले का निवासी है।
जब गठित टीम सत्यापन के लिए अररिया पहुंची तो पता चला कि बनमनखी थाना क्षेत्र के रसाढ़ गांव के रहने वाले दो भाई संतोष कुमार और रितेश कुमार ने चंद्रपाल मुखिया को धोखे में रखकर सिम पोर्ट कराने के नाम पर नया सिम निकलवा लिया था और उसी सिम का प्रयोग साइबर ठगी में किया गया।
इसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शनिवार को दोनों भाइयों को उनके गांव से गिरफ्तार कर साइबर थाना लाया। पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है।
डीएसपी ने बताया कि मामले का अग्रतर अनुसंधान जारी है। अन्य अभियुक्तों की गिरफ्तारी और ठगी की गई राशि की बरामदगी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और जल्द ही पीड़ित को उसकी राशि वापस दिलाई जाएगी।
इस कार्रवाई में साइबर थाना के पुनि राजेश कुमार गुप्ता, पुनि रविशंकर कुमार, पुअनि मनीष चंद्र यादव, पुअनि ऋषि यादव, सिपाही आनंद कुमार सिंह सहित तकनीकी शाखा की टीम शामिल थी।