हेडलाइन:
मधेपुरा में कृषि नवाचार का मॉडल बनेगा जिला, बलिया कृषि मेले का कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने किया उद्घाटन
पुरैनी (मधेपुरा)।
पुरैनी प्रखंड की कुरसंडी पंचायत अंतर्गत बलिया गांव में आयोजित दो दिवसीय कृषि यांत्रिकरण सह कृषि प्रदर्शनी मेला का शनिवार को भव्य शुभारंभ किया गया। मेले का उद्घाटन बिहार के कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर स्थानीय विधायक सह विधानसभा उपाध्यक्ष नरेंद्र नारायण यादव भी विशेष रूप से मौजूद रहे।
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा कि मधेपुरा को कृषि नवाचार का मॉडल जिला बनाया जाएगा। उन्होंने किसानों से वैज्ञानिक पद्धति से खेती अपनाने, पशुपालन को बढ़ावा देने और पर्यावरण संरक्षण पर विशेष ध्यान देने की अपील की। मंत्री ने कहा कि यह मेला केवल कृषि उपकरणों का प्रदर्शन नहीं, बल्कि कृषि वैज्ञानिकों, विशेषज्ञों और किसानों का समागम है, जिससे किसान नई तकनीक और आधुनिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
कृषि मंत्री ने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार ने किसानों को सीधे बाजार से जोड़ने का संकल्प लिया है। विभिन्न प्रकार के बीजों पर भारी सब्सिडी दी जा रही है और किसानों के हित में यांत्रिकरण बैंक सहित कई नई संस्थाओं की स्थापना की जाएगी। उन्होंने कहा कि बिहार को केवल उत्पादन वाला राज्य नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर निर्यातक राज्य बनाने की दिशा में सरकार कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि बिहार के मखाना, लीची, आम, फल-सब्जी, मसाले और अनाज को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ा जा रहा है। अब किसान सिर्फ उत्पादक नहीं, बल्कि निर्यातक और उद्यमी भी बनेंगे। कोसी क्षेत्र को नया आय स्रोत बनाकर महिला स्वयं सहायता समूहों और युवाओं के लिए रोजगार सृजन किया जाएगा।
कार्यक्रम में विधानसभा उपाध्यक्ष नरेंद्र नारायण यादव ने बिहार सरकार के कृषि रोडमैप की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि किसानों की खुशहाली सरकार की प्राथमिकता है और किसानों की आय दोगुनी करने के लिए लगातार योजनाओं पर काम किया जा रहा है।
कृषि मंत्री ने बताया कि कृषि बाजार, मंडी और हाट का निर्माण किया जाएगा। मकई, धान, गेहूं, सब्जी, मत्स्य एवं पशुपालन के क्षेत्र में नई तकनीक से मॉडल विकसित किया जा रहा है। उर्वरक और बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए डिजिटल व्यवस्था लागू करने का निर्देश भी दिया गया है।
उद्घाटन समारोह का संचालन कर रहे मुखिया कुंदन सिंह ने बताया कि वर्ष 1978 से आयोजित हो रहे इस मेले को अब तक राजकीय मेला का दर्जा नहीं मिल सका है, जो क्षेत्र की एक पुरानी मांग है। जिला कृषि पदाधिकारी रितेश रंजन की देखरेख में आयोजित इस मेले का संचालन आयोजन समिति के अध्यक्ष राजाराम मेहता की निगरानी एवं पूर्व प्रमुख जयप्रकाश सिंह की अध्यक्षता में किया गया।
मंच पर उपस्थित अतिथियों को ग्रामीणों द्वारा बुके और अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया। शिक्षक संतोष कुमार मेहता ने अभिनंदन पत्र पढ़कर मंत्री और अन्य अतिथियों का स्वागत किया।
इससे पूर्व कृषि मंत्री रामकृपाल यादव सहित सभी अतिथियों ने मेले में लगे कृषि यंत्रों के स्टॉल, किसानों द्वारा प्रदर्शित उन्नत व विकसित किस्म के उत्पादों का निरीक्षण किया और किसानों से सीधे संवाद किया।
मौके पर संयुक्त निदेशक शष्य कोसी प्रमंडल सहरसा प्रवीण कुमार, एसडीएम पंकज कुमार घोष, एसडीपीओ अविनाश कुमार, जिला उद्यान पदाधिकारी मु. जावेद, सहायक निदेशक पौधा संरक्षण जयकिशन कुमार, उप निदेशक कृषि अभियंत्रण गौतम कुमार, प्रखंड प्रमुख रेखा पंडित, कृषि विज्ञानी डॉ. आर.पी. शर्मा, डॉ. राहुल कुमार वर्मा, अनुमंडल कृषि पदाधिकारी कुमारी कविता, बीडीओ अमरेन्द्र कुमार, सीओ विद्यानंद झा, बीएओ अंशुली प्रिया सहित बड़ी संख्या में किसान और ग्रामीण उपस्थित रहे।