पटना।राज्य सरकार की भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति के तहत अररिया जिले में बड़ी कार्रवाई की गई है। नरपतगंज अंचल के फरही पंचायत में परिमार्जन के नाम पर रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किए गए राजस्व कर्मचारी मो.
इम्तियाज आलम को निलंबित कर दिया गया है। उप मुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि आरोपी कर्मचारी को शीघ्र सेवा से बर्खास्त किया जाएगा।
जानकारी के अनुसार, निगरानी विभाग की टीम ने मंगलवार की शाम मो. इम्तियाज आलम को 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया था। आरोप है कि राजस्व कर्मचारी ने नरपतगंज अंचल के रामघाट वार्ड संख्या-14 निवासी किसान कमलेश्वरी यादव से भूमि परिमार्जन के कार्य के एवज में अवैध राशि की मांग की थी। इससे पहले भी वह किसान से रिश्वत की मांग कर चुका था।
कटिहार के जिलाधिकारी की अनुशंसा पर तत्काल प्रभाव से आरोपी कर्मचारी को निलंबित कर दिया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए विभागीय कार्रवाई तेज कर दी गई है और बर्खास्तगी की प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
इस संबंध में उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने दो टूक कहा कि आम नागरिकों और किसानों के काम पारदर्शी तरीके से और तय समयसीमा के भीतर होना चाहिए। विभाग के किसी भी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा अवैध लेन-देन की शिकायत मिलने पर कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार का उद्देश्य किसानों और आम लोगों को बिना किसी दबाव और भ्रष्टाचार के सेवाएं उपलब्ध कराना है। ऐसे मामलों में निगरानी और प्रशासनिक एजेंसियों को पूरी स्वतंत्रता दी गई है ताकि दोषियों को तुरंत पकड़ा जा सके।
राज्य सरकार की इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ एक मजबूत संदेश के रूप में देखा जा रहा है। इससे न सिर्फ विभागीय कर्मियों में अनुशासन का माहौल बनेगा, बल्कि आम लोगों का सरकारी व्यवस्था पर भरोसा भी मजबूत होगा।