पूर्णिया-अररिया के यात्रियों के लिए अच्छी खबर है. पूर्णिया से होकर गुजरने वाला कटिहार-जोगबनी रेलखंड जल्द ही डबल ट्रैक होने जा रहा है. इस रेलखंड की 108 किलोमीटर लंबी सिंगल लाइन को दोहरी लाइन में बदला जाएगा.
फिलहाल सर्वे का काम पूरा हो चुका है और बाकी प्रक्रियाएं चल रही हैं.
अभी यह रेलखंड सिंगल ट्रैक होने के कारण ट्रेनों को प्लेटफॉर्म पर क्रॉसिंग करनी पड़ती है. इससे कई बार ट्रेनें देर से चलती हैं और यात्रियों का समय खराब होता है. डबल ट्रैक बनने के बाद यह समस्या खत्म हो जाएगी और ट्रेनें समय पर चल सकेंगी.
रेलखंड के दोहरीकरण से पूर्णिया की रेल कनेक्टिविटी बेहतर होगी. ज्यादा ट्रेनें चलेंगी और यात्रियों को नई सुविधाएं मिलेंगी. एक ही समय में दोनों ट्रैक पर अलग-अलग ट्रेनें चल सकेंगी, जिससे भीड़ और देरी कम होगी.
इलाके का होगा विकास
कटिहार-जोगबनी रेलखंड का सीधा संबंध भारत-नेपाल सीमा से है. इस वजह से यह रेल रूट काफी महत्वपूर्ण है. डबल ट्रैक बनने से यात्रियों के साथ-साथ माल ढुलाई में भी तेजी आएगी, जिससे रेलवे को फायदा होगा.
इस रेलखंड को डबल ट्रैक करने की मांग कई सालों से की जा रही थी, लेकिन पहले इस पर खास ध्यान नहीं दिया गया. हाल के वर्षों में रेलवे ने इस दिशा में काम शुरू किया है. 2025-26 के बजट में इसके लिए 2.16 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है.
नए साल में कटिहार-जोगबनी रेलखंड का दोहरीकरण पूरा होना यात्रियों के लिए बड़ी राहत साबित होगा और क्षेत्र के विकास को भी गति मिलेगी.
क्यों है महत्त्व
कटिहार-जोगबनी रेल लाइन पर पटरियों के दोहरीकरण के काम से इस पूरे इलाके के आर्थिक विकास को बहुत बड़ी मजबूती मिलेगी. यह रेल लाइन नेपाल की सीमा के बिल्कुल करीब है, इसलिए सुरक्षा और रणनीति के नजरिए से भी इसका बहुत ज्यादा महत्व है. इस बदलाव से एक तरफ जहां ट्रेनों का आना-जाना पहले से कहीं ज्यादा आसान और बेहतर हो जाएगा.
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि दोहरीकरण का काम पूरा होने के बाद इस रूट पर मालगाड़ियों के साथ-साथ यात्री ट्रेनों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी. इससे न केवल नई ट्रेनें शुरू करना मुमकिन होगा, बल्कि यात्रियों के सफर का समय भी काफी कम हो जाएगा. जब यात्रा का समय बचेगा, तो रेलवे का मुनाफा भी बढ़ेगा.
क्या बोले अधिकारी
पूर्णिया जंक्शन के स्टेशन मास्टर मुन्ना कुमार ने कहा कि कटिहार-जोगबनी रेल खंड के दोहरीकरण के लिए सर्वे का काम काफी हद तक हो चुका है. दोहरीकरण के बाद इस लाइन के लिए नई ट्रेनें मिलेंगी और परिचालन में कम वक्त लगेगा. पूर्णिया और जोगबनी के बीच रेल यातायात सुगम हो जाएगा जबकि पूर्णिया के यात्रियों को पटना समेत अन्य स्थानों के लिए तेज कनेक्टिविटी मिलेगी. यात्रियों की कई सुविधाएं भी बढ़ जाएंगी.
पूर्णिया जंक्शन के बारे में जानिए
1887 में खोला गया था पूर्णिया जंक्शन रेलवे स्टेशन
2008 में शुरू हुई थी पूर्णिया जंक्शन में बड़ी रेललाइन
30 लाख यात्रियों की आवाजाही पूर्णिया जंक्शन से एक साल में होती है
15 जोड़ी ट्रेनों का पूर्णिया जंक्शन से हो रहा परिचालन
450 करोड़ की आय एक वित्तीय वर्ष में रेलवे को सिर्फ माल ढुलाई में हुई
11 करोड़ सालाना अकेले सीमांचल एक्सप्रेस ने पूर्णिया दे रहा रेलवे को
1.44 लाख यात्री सिर्फ पूर्णिया जंक्शन से पकड़ते हैं ट्रेन