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Saturday, January 3, 2026

BIHAR:शिक्षा विभाग में भूचाल: 2916 शिक्षकों पर गिरी गाज, जांच में बड़ा खुलासा

बिहार में फर्जी प्रमाणपत्रों के सहारे नौकरी पाने वाले नियोजित शिक्षकों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं. निगरानी विभाग की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है. राज्य के अलग-अलग जिलों में 2916 नियोजित शिक्षक फर्जी प्रमाणपत्र और जाली अंकपत्र के आधार पर नौकरी कर रहे थे.

इन सभी के खिलाफ संबंधित जिलों में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है.

दिसंबर 2025 तक शिक्षा बोर्ड से कराए गए प्रमाणपत्र सत्यापन में इन शिक्षकों के दस्तावेज फर्जी पाए गए. जांच में सामने आया है कि कुछ शिक्षकों ने अपने अंकपत्र में छेड़छाड़ कर नंबर बढ़ा लिए थे, तो कुछ ने दूसरे व्यक्ति के नाम और रोल नंबर का इस्तेमाल कर नौकरी हासिल कर ली. कई मामलों में प्रमाणपत्र में दर्ज पिता का नाम मेल नहीं खाता, जबकि कई दस्तावेज पूरी तरह जाली निकले हैं.

अभी भी जांच जारी, बढ़ सकती है फर्जी शिक्षकों की संख्या

निगरानी विभाग का कहना है कि यह आंकड़ा अभी अंतिम नहीं है. जांच लगातार जारी है और आने वाले दिनों में फर्जी शिक्षकों की संख्या और बढ़ सकती है. पटना हाईकोर्ट के आदेश पर निगरानी विभाग को यह जांच सौंपी गई थी. जांच के दायरे में वे शिक्षक हैं, जिनकी बहाली वर्ष 2006 से 2015 के बीच हुई थी.

निगरानी के डीजी जे.एस. गंगवार के अनुसार अब तक 2916 शिक्षकों के प्रमाणपत्र फर्जी पाए गए हैं. जांच अधिकारी यह भी पता लगा रहे हैं कि इस पूरे फर्जीवाड़े के पीछे कौन-कौन से संगठित गिरोह सक्रिय थे.

पात्रता परीक्षा किसी और ने दी, नौकरी किसी और को मिली

पटना के कोतवाली थाना में दर्ज एक मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. जांच में पता चला कि अनु नाम की शिक्षिका ने शिक्षक पात्रता परीक्षा दी ही नहीं थी. जिस रोल नंबर पर उसे पास दिखाया गया, वह ज्ञांती कुमारी का था. ज्ञांती को पेपर-1 में 43 अंक मिले थे, लेकिन रिकॉर्ड में हेराफेरी कर अनु को 85 अंक दिखाकर पास कर दिया गया.

जाली मार्क्सशीट पर बन गए शिक्षक

जांच में कई ऐसे मामले भी सामने आए हैं, जहां फर्जी विश्वविद्यालयों और अमान्य शिक्षा बोर्डों के प्रमाणपत्र देकर लोग शिक्षक बन गए और सालों तक वेतन उठाते रहे. बताया जा रहा है कि दो से तीन लाख रुपये लेकर जाली मार्क्सशीट और सर्टिफिकेट तैयार किए गए. निगरानी विभाग अब इन गिरोहों की भी पहचान कर रहा है.

67 हजार शिक्षकों की नौकरी भी खतरे में

सक्षमता परीक्षा को लेकर भी स्थिति गंभीर है. अब तक 3 लाख 46 हजार शिक्षकों में से 3 लाख 19 हजार परीक्षा दे चुके हैं. करीब 67 हजार शिक्षक या तो परीक्षा नहीं दे सके हैं या पास नहीं हो पाए हैं. ऐसे में इनकी नौकरी पर भी खतरा मंडराने लगा है.