बिहार में रिश्वत मांगे तो चुप न रहें: निगरानी और एसीबी के इन नंबरों पर करें शिकायत, पहचान रहेगी गोपनीय
यदि बिहार में किसी सरकारी दफ्तर में आपका काम बिना वजह अटकाया जा रहा हो और बदले में रिश्वत की मांग की जा रही हो, तो अब चुप रहने की मजबूरी नहीं है। राज्य सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक मजबूत और सक्रिय निगरानी तंत्र तैयार किया है, जिसके जरिए आम नागरिक सीधे और सुरक्षित तरीके से शिकायत दर्ज करा सकता है।
राज्य का Vigilance Investigation Bureau (निगरानी अन्वेषण ब्यूरो) रिश्वत से जुड़े मामलों में लगातार कार्रवाई कर रहा है। नागरिक 0612-2215344 या मोबाइल नंबर 7765953261 पर कॉल कर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके अलावा 9431800121 नंबर पर व्हाट्सऐप के जरिए भी रिश्वत से जुड़ी सूचना भेजी जा सकती है। विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर भी शिकायत की प्रक्रिया, अधिकार और जरूरी सावधानियों की जानकारी दी गई है, ताकि लोग बिना किसी डर के आगे आ सकें।
भ्रष्टाचार की शिकायत के लिए एक और प्रभावी माध्यम है Anti Corruption Bureau (ACB) का 1064 टोल-फ्री नंबर। इस नंबर पर एक साधारण कॉल करके रिश्वत और भ्रष्ट आचरण की शिकायत दर्ज कराई जा सकती है, जिसके बाद प्राथमिक जांच की प्रक्रिया तुरंत शुरू कर दी जाती है।
जो लोग लिखित शिकायत देना चाहते हैं, वे पटना स्थित निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के कार्यालय जाकर भी आवेदन दे सकते हैं। वहां अधिकारी शिकायतकर्ता की बात सुनकर उसे औपचारिक रूप से दर्ज करते हैं ताकि आगे की कार्रवाई में कोई तकनीकी अड़चन न आए।
शिकायत करते समय कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है। रिश्वत मांगने वाले अधिकारी या कर्मचारी का नाम, पद और विभाग जितना स्पष्ट होगा, जांच उतनी ही प्रभावी होगी। यदि संभव हो तो रिश्वत की मांग से जुड़ा कोई प्रमाण — जैसे ऑडियो या वीडियो रिकॉर्डिंग — सुरक्षित रखना जांच में बड़ी मदद करता है।
शिकायत मिलने के बाद निगरानी टीम पहले पूरे मामले की गोपनीय जांच करती है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो विभाग जाल बिछाकर आरोपी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ने की कार्रवाई करता है। इस पूरी प्रक्रिया में शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है ताकि उसे किसी तरह के दबाव या डर का सामना न करना पड़े।
राज्य सरकार का स्पष्ट संदेश है — भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में आम नागरिक सबसे बड़ी ताकत है। यदि हर व्यक्ति आगे आए और रिश्वत के खिलाफ आवाज उठाए, तो व्यवस्था को साफ और जवाबदेह बनाया जा सकता है।