डिप्टी सीएम विजय सिन्हा एक तरफ जमीन विवादों को निपटाने के लिए लगातार एक्शन मोड में दिख रहे वहीं दूसरी तरफ बिहार के डीजीपी विनय कुमार ने बड़ी बात कह दी है. डीजीपी विनय कुमार ने बताया कि बिहार में बढ़ते अपराध का मुख्य कारण जमीन विवाद है.
राज्य में लगभग 50 से 60 प्रतिशत आपराधिक घटनाएं जमीन विवाद के ही कारण हो रही है.
समय पर विवाद नहीं निपटाना बड़ा कारण
डीजीपी विनय कुमार ने बताया कि राज्य में गोलीबारी या फिर हत्या जैसी घटनाओं के पीछे का कारण अक्सर जमीन विवाद ही होता है. कई बार ऐसा होता है कि समय पर जमीन से जुड़े मामलों का निपटारा नहीं हो पाता है. ऐसे में ये मामले आपराधिक घटनाओं में बदल जाते हैं. हालांकि, जमीन विवाद से जुड़े मामले मुख्य रूप से राजस्व एवं भूमि सुधार से ही जुड़े होते हैं.
पुलिस जमीन विवाद में नहीं करेगी हस्तक्षेप
डीजीपी ने क्लियर किया कि वह इस मामले हस्तक्षेप नहीं करेंगे. ऐसा इसलिए क्योंकि पुलिस का हस्तक्षेप जमीन से जुड़े मामलों में सीमित होता है, क्योंकि पुलिस के पास राजस्व रिकॉर्ड, नक्शा या फिर खतियान भी नहीं होता है, जिससे मामले को सुलझाया जा सके. लेकिन आगे डीजीपी ने यह भी कहा, अगर मामले आपराधिक घटना में बदलते हैं तो पुलिस हस्तक्षेप करेगी. इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि अगर समय रहते जमीन से जुड़े मामले निपटा लिए जाए तो आपराधिक घटनाओं में कमी आ सकती है.
क्या होगा मंत्री विजय सिन्हा का अगला स्टेप?
दरअसल, डिप्टी सीएम और राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री विजय कुमार सिन्हा लगातार जमीन से जुड़े विवादों को सुन रहे हैं. किसी तरह की परेशानी होने पर विभाग के अधिकारियों की फटकार भी लगा रहे हैं. साथ ही वे जमीन के विवाद निपटाने के लिए अल्टीमेटम दे रहे हैं. ऐसे में डीजीपी के इस खुलासे के पास मंत्री विजय सिन्हा का अगला स्टेप क्या कुछ होता है, यह देखने वाली बात होगी.
जमीन माफियाओं पर कड़ी नजर
इधर, डीजीपी विनय कुमार जमीन माफियाओं के खिलाफ सख्त दिखे. उन्होंने स्पष्ट किया कि जबरन जमीन हड़पने, कब्जा करने वाले और माफियाओं पर कड़ी नजर रखी जा रही है. बिहार पुलिस की तरफ से इस संबंध में कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है. जमीन संबंधी अपराध को लेकर डीजीपी के इस बड़े बयान के बाद बिहार में जल्द बदलाव दिख सकेगा, इस बात की बड़ी संभावना है.