क्या बोले अधिकारी
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि परियोजनाओं के पूरा होने से कोसी और सीमांचल क्षेत्र के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी. रेल बाईपास तैयार होते ही सहरसा से दरभंगा के बीच ट्रेनों का संचालन आसान हो जाएगा. अभी ट्रेनों को लंबा रास्ता तय करना पड़ता है, लेकिन बाईपास बनने के बाद समय की बचत होगी.
यात्रियों को होगी सुविधा
नई रेल लाइन पर पहले मालगाड़ियों का परिचालन शुरू करने की योजना है. इसके सफल संचालन के बाद लंबी दूरी की यात्री ट्रेनों को चलाया जाएगा. इससे न सिर्फ यात्रियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि स्थानीय व्यापार और उद्योग को भी बढ़ावा मिलेगा.
न्यू झाझा जंक्शन पर प्लेटफॉर्म निर्माण का कार्य लगभग पूरा हो चुका है. रेल पटरी बिछाने का काम भी तेज गति से चल रहा है. अधिकारियों का अनुमान है कि जनवरी महीने तक न्यू झाझा से बैजनाथपुर अन्दौली के बीच रेल लाइन बिछाने का काम पूरा कर लिया जाएगा.
सुपौल को मिलेगी नई पहचान
इसके बाद रेलवे सुरक्षा आयुक्त (सीआरएस) द्वारा निरीक्षण कराया जाएगा. सीआरएस से मंजूरी मिलने के बाद ट्रेन परिचालन शुरू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी. रेल बाईपास के चालू होने से खासतौर पर लंबी दूरी की ट्रेनों के संचालन में बड़ा सुधार होगा.
यदि बैजनाथपुर अन्दौली और न्यू झाझा को औपचारिक रूप से जंक्शन का दर्जा मिल जाता है, तो सुपौल जिले को नई पहचान मिलेगी.