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Thursday, January 1, 2026

BIHAR:मुखिया, मजिस्ट्रेट, SDO, CDPO, फॉरेस्टर; इन 8 भ्रष्टाचारियों की 4.14 करोड़ की संपत्ति जब्त होगी

निगरानी अन्वेषण ब्यूरो आठ भ्रष्टाचारियों के 4.14 करोड़ रुपये की संपत्तियों को राज्यसात करेगा। ब्यूरो ने इससे संबंधित प्रस्ताव संबंधित प्राधिकार को भेजा है। प्राधिकार के स्तर पर घोषणा निर्गत किए जाने के बाद इन संपत्तियों को राज्य सरकार के अधीन सौंपने की कार्रवाई की जायेगी।

निगरानी ब्यूरो से मिली जानकारी के मुताबिक इस साल जिन आठ भ्रष्टाचारियों की संपत्ति राज्यसात का प्रस्ताव भेजा गया है, उनमें दो तत्कालीन मुखिया, एक तत्कालीन अधीक्षण अभियंता, एक न्यायिक दंडाधिकारी, एक फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर, एसडीओ, टैक्स दारोगा और सीडीपीओ शामिल हैं। इन आरोपियों के विरुद्ध 2012 से 2019 के बीच निगरानी ने भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया था।

लखीसराय के तत्कालीन फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर दिलीप कुमार पर 2012 में केस दर्ज हुआ था। उनकी 88 लाख से अधिक संपत्तियां राज्यसात की जानी है। इसी तरह, गोपालगंज के हथुआ में एसडीओ रहे विजय प्रताप सिंह की 62 लाख रुपये से अधिक की संपत्तियां राज्यसात किए जाने का प्रस्ताव है। विजय प्रताप गोपालगंज में अपर समाहर्ता और दरभंगा प्रमंडलीय आयुक्त कार्यालय में आयुक्त के सचिव पद पर भी रहे। 2015 में भ्रष्टाचार के तीन मामले दर्ज हुए।

पटना ग्रामीण की तत्कालीन सीडीपीओ फूलपरी देवी, मोतिहारी नगर परिषद में टैक्स दारोगा रहे अजय कुमार गुप्ता और समस्तीपुर जिले की जितवारिया ग्राम पंचायत के मुखिया प्रमोद कुमार राय के नाम भी सूची में हैं। इनकी 61 लाख रुपये से अधिक की संपत्तियां जब्त की जानी है। इनके अलावा 2016 में ग्रामीण कार्य विभाग के तत्कालीन अधीक्षण अभियंता ओमप्रकाश मांझी और पश्चिम चंपारण लौरिया की राजमरहिया पकड़ी ग्राम पंचायत के तत्कालीन मुखिया मैनेजर यादव की 1.70 करोड़ रुपये की संपत्तियां भी जब्त किए जाने का प्रस्ताव है। ओमप्रकाश मांझी राज्य सरकार की सेवा से बर्खास्त किए जा चुके हैं। निगरानी ने जुलाई 2019 में दरभंगा के तत्कालीन न्यायिक दंडाधिकारी राकेश कुमार राय पर भी भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया था। इनकी 41.12 लाख रुपये की संपत्तियां भी राज्यसात किए जाने को लेकर प्रस्ताव भेजा गया है।

96.76 करोड़ की संपत्तियों की जब्ती प्रक्रियाधीन

निगरानी ब्यूरो ने अब तक 119 मामलों में 96.76 करोड़ की संपत्तियां राज्यसात किए जाने को लेकर प्रस्ताव दिया है। इनमें 57 करोड़ रुपये के 66 मामले प्राधिकृत पदाधिकारी के न्यायालय में जबकि 20.80 करोड़ के 32 मामले हाईकोर्ट में लंबित हैं। संपत्ति राज्यसात के दो मामले सुप्रीम कोर्ट में दायर एसएलपी जबकि दो मामले विपक्षी द्वारा अपील दायर करने की वजह से लंबित हैं। निगरानी के मुताबिक अब तक 11 मामलों में 6.03 करोड़ रुपये की संपत्तियां अंतिम रूप से राज्यसात की गयी है।

कहते हैं अधिकारी

भ्रष्टाचारियों की जब्त संपत्तियों को राज्यसात किए जाने की प्रक्रिया की जा रही है। अब तक 119 मामलों में 97 करोड़ की संपत्तियों को राज्यसात करने का प्रस्ताव संबंधित प्राधिकार को भेजा गया है। 2025 में आठ मामलों में प्रस्ताव सौंपा गया है।- जितेंद्र सिंह गंगवार, डीजी, निगरानी

इनकी संपत्तियां जब्त होंगी

नाम/पदनाम राशि

मैनेजर यादव, तत्कालीन मुखिया, लौरिया पश्चिम चंपारण 80.04 लाख

प्रमोद कुमार राय, तत्कालीन मुखिया, जितवरिया, समस्तीपुर 03.71 लाख

ओमप्रकाश मांझी, तत्कालीन अधीक्षण अभियंता, ग्रामीण कार्य 90.75 लाख

राकेश कुमार राय, तत्कालीन न्यायिक दंडाधिकारी, दरभंगा 41.12 लाख

दिलीप कुमार, तत्कालीन फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर 88.25 लाख

विजय प्रताप सिंह, तत्कालीन एसडीओ, गोपालगंज 62.35 लाख

अजय कुमार गुप्ता, तत्कालीन टैक्स दारोगा, मोतिहारी नगर परिषद 34.62 लाख

फूलपरी कुमारी, तत्कालीन सीडीपीओ, पटना ग्रामीण 12.76 लाख

कुल 4.14 करोड़