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Friday, January 30, 2026

BIHAR:72 घंटे बाद भी हत्यारे फरार: पूर्णिया में सूरज बिहारी मर्डर को लेकर सड़कों पर उतरा जनसैलाब

पूर्णिया। 27 जनवरी को शहर के प्रसिद्ध व्यवसायी जवाहर यादव के पुत्र सूरज बिहारी की दिनदहाड़े हत्या के बाद रोष सड़कों तक पहुंच गया है।

इस मामले में गुुरुवार को शहर में मशाल जुलूस निकाल रोष का इजहार किया गया। कई संगठनों के लोग एक साथ थे। पुलिस से दिनदहाड़े हत्या पर सवाल था। हत्यारों की गिरफ्तारी में हो रही देरी पर रोष छलक रहा था।

हत्याकांड के 72 घंटे बीतने के बाद भी हत्यारों की गिरफ्तारी नहीं होने पर सवाल उठाया गया है। गुरुवार को कारोबारी सूरज बिहारी हत्याकांड के आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर विभिन्न संगठनों ने एकजुट होकर विशाल कैंडल मार्च निकाला।

परिवार को इंसाफ दिलाने की मांग को लेकर शहरवासी गोलबंद होकर सड़क पर उतरे और पुलिस प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया और नारेबाजी की।

कैंडल मार्च की शुरुआत रामबाग स्थित एनएसवाई डिग्री कॉलेज चौक से हुई। हाथों में कैंडल लिए शहरवासी यहां से एकजुट होकर सड़क पर उतरे। कैंडल मार्च में हजारों लोग शामिल रहे। कैंडल मार्च के दौरान सड़कों पर लोगों का हुजूम दिखाई दिया। वाहनों को लंबी कतार लग गई।

हाथों में कैंडल लिए शहरवासी जस्टिस फॉर सूरज बिहारी, कारोबारी सूरज बिहारी के परिवार को न्याय दो, हत्यारों को फांसी दो, पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद जैसे नारे लगाते रहे।

कैंडल मार्च फोर्ड कंपनी चौक से निकलकर आस्था मंदिर, जेल रोड, टैक्सी स्टैंड जैसे मार्गों से होते हुए आर एन साह चौक पहुंचकर सभा में तब्दील हो गई। कैंडल मार्च में शामिल लोगों ने यहां सर्वप्रथम सूरज बिहारी को श्रद्धांजलि दी। लोगों ने घटना के विरोध में प्रदर्शन किया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

कैंडल मार्च का नेतृत्व कर रहे प्रदर्शनकरियों ने कहा कि सूरज बिहारी बुलावे पर समझौता कराने पहुंचे थे। बदमाशों ने उन्हें पीछे से तीन गोलियां मारी। इससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात के बाद से सभी आरोपित फरार हैं। कारोबारी सूरज बिहारी की हत्या को 72 घंटे बीते चुके हैं, लेकिन इस मामले में अब तक पुलिस के हाथ खाली हैं।

इस मामले से जुड़े तीन मुख्य आरोपित स्नेहिल झा, ब्रजेश सिंह और नंदू सिंह की तस्वीर सामने आई है। बुधवार को मृतक सूरज बिहारी के परिजनों के बयान के आधार पर प्राथमिकी भी दर्ज हो चुकी है। आरेापित अभी भी पुलिस की पहुंच से दूर हैं।

कारोबारी की हत्या से स्पष्ट है कि यहां बदमाशों को पुलिस का कोई खौफ नहीं रह गया है। आरोपित खुलेआम घूम रहे हैं। पुलिस की कार्यशैली सवालों के घेरे में है।

बुलडोजर और एनकाउंटर की सरकार खामोश क्यों : संतोष कुशवाहा

सूरज बिहारी की जिस तरह सरेआम नृशंस हत्या की गई, उसकी जितनी निंदा की जाय कम होगी। 48 घंटे से अधिक समय बीत चुका है लेकिन सूरज के नामजद हत्यारे की गिरफ्तारी नही हुई है। यह सरकार तो बुलडोजर और एनकाउंटर की सरकार है तो अब तक चुप क्यों है।

आखिर अपराधियों को इतनी हिम्मत कहां से मिल रही है। पुलिस को यह भी बताना चाहिए कि इन अपराधियों को किसका संरक्षण मिल रहा है।

यह बातें पूर्व सांसद संतोष कुशवाहा ने गुरुवार को सूरज बिहारी की हत्या के विरोध में निकाले गए मार्च में शामिल होने के बाद कही। यह प्रतिरोध मार्च विभिन्न संगठनों द्वारा फोर्ड कंपनी चौक से आर एन शाह चौक तक निकाला गया। संतोष कुशवाहा ने कहा कि पूर्णिया के लोग भयभीत हैं और खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।

पता नही किसकी नजर पूर्णिया को लग गई है। ऐसे अपराधियों पर नकेल कसने की जरूरत है या तो इन अपराधियों के घर पर बुलडोजर चलना चाहिए या एनकाउंटर होना चाहिए