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Monday, January 12, 2026

BIHAR:11 लाख से अधिक मह‍िलाओं के खाते में नहीं पहुंचे CM नीतीश के 10 हजार, अब क्‍या व्‍यवस्‍था करेगी सरकार?

पटना। Mukhyamantri Mahila Rojgar Yojna:नीतीश सरकार ने जीविका दीदियों को 10 हजार रुपये देने की घोषणा से संबंधित लगभग लक्ष्य प्राप्त कर ली है।

फिर भी 11 लाख से अधिक जीविका दीदियों के खाते में केवाईसी (KYC) के कारण राशि नहीं पहुंची है।

इसमें सर्वाधिक एक लाख से अधिक संख्या पूर्वी चंपारण जिले के जीविका दीदियों की है।

इसके उपरांत मधुबनी में 76758 मुजफ्फरपुर, 53 हजार दरभंगा एवं 51 हजार कटिहार जिले में भुगतान केवाईसी के कारण लंबित है।

नीतीश सरकार की महत्वाकांक्षी ग्रामीण आजीविका योजना जीविका से जुड़ी 11 लाख से अधिक दीदियों के लिए राहत की उम्मीद फिलहाल अधर में लटक गई है।

ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों का कहना है कि केवाईसी की तकनीकी एवं दस्तावेजी अड़चनों के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है।

सरकारी स्तर पर तय प्रावधानों के अनुसार, जीविका समूहों से जुड़ी महिलाओं को बैंक खातों के माध्यम से सीधे सहायता राशि हस्तांतरित की जानी है।

लेकिन बड़ी संख्या में खातों की केवाईसी अपूर्ण, असंगत या अपडेट न होने के कारण भुगतान प्रक्रिया रुक गई। अधिकारियों के मुताबिक, कई खातों में आधार लिंक नहीं है, कहीं नाम/पता/जन्मतिथि में त्रुटि है, तो कहीं मोबाइल नंबर अपडेट नहीं है।

कुछ मामलों में पुराने खातों के निष्क्रिय (डारमेंट) होने से भी भुगतान अटक गया है। ग्रामीण इलाकों में यह समस्या ज्यादा गंभीर है।

जीविका दीदियों का कहना है कि उन्होंने समूह बैठकों में आवश्यक कागजात जमा किए, फिर भी बैंक स्तर पर तकनीकी कारणों से केवाईसी अपडेट नहीं हो पा रही।

जिलेवार लंबित भुगतान

  • अररिया : 32583
  • अरवल : 2594
  • औरंगाबाद :12578
  • बांका : 19992
  • बेगूसराय : 28107
  • भोजपुर : 17798
  • बक्सर : 10281
  • दरभंगा : 53892
  • गया : 22382
  • गोपालगंज : 22382
  • जमुई : 8356
  • जहानाबाद : 6450
  • कैमूर (भभुआ) : 11959
  • कटिहार : 51091
  • खगड़िया : 10289
  • किशनगंज : 18569
  • लखीसराय : 3884
  • मधेपुरा : 26847
  • मधुबनी : 76758
  • मुंगेर : 5779
  • मुजफ्फरपुर : 66043
  • नालंदा : 21133
  • नवादा : 9929
  • पश्चिम चंपारण : 55128
  • पटना : 40707
  • पूर्वी चंपारण : 111795
  • पूर्णिया : 35410
  • रोहतास : 22466
  • सहरसा : 26188
  • समस्तीपुर :48112
  • सारण : 39103
  • शेखपुरा : 3409
  • शिवहर : 6949
  • सीतामढ़ी : 32765
  • सिवान : 34849
  • सुपौल : 30156
  • वैशाली : 55111

कुल : 1110886

कई बार बैंक शाखाओं के चक्कर काटने के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है। इससे दीदियों की घरेलू जरूरतें, छोटे व्यवसाय, पशुपालन और स्वरोजगार की योजनाएं प्रभावित हो रही हैं।

सरकार ने सभी जिलों को निर्देश दिया है कि विशेष अभियान चलाकर केवाईसी अपडेट कराई जाए। इसके लिए बैंक मित्रों, सीएसपी केंद्रों एवं जीविका कैडर को सक्रिय किया गया है।

कुछ जिलों में कैंप लगाकर आधार सीडिंग, मोबाइल अपडेट एवं खाते के सत्यापन का काम शुरू भी हुआ है, लेकिन प्रगति अपेक्षा से धीमी है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह राशि समय पर जारी होती, तो ग्रामीण अर्थव्यवस्था में नकदी प्रवाह बढ़ता।

10 हजार रुपये की यह राशि कई परिवारों के लिए बीज, खाद, चारा, छोटे उपकरण या किराना व्यापार शुरू करने का आधार बन सकती है। देरी से महिलाओं का भरोसा भी प्रभावित हो रहा है।

विभागीय अधिकारियों का कहना है कि केवाईसी पूरी होते ही भुगतान स्वचालित रूप से जारी कर दिया जाएगा। साथ ही, जिन खातों में त्रुटि है, उन्हें सुधारने के लिए मानक प्रक्रिया सरल करने पर भी विचार चल रहा है। अगले कुछ हफ्तों में लंबित मामलों का बड़ा हिस्सा निपटा लिया जाएगा।