बिहार सरकार पर्यटन को मजबूत करने की दिशा में लगातार कदम उठा रही है. राज्य के हर जिले में स्टार रेटिंग वाले होटल, एम्यूजमेंट पार्क और पर्यटकों के लिए बेहतर रोडसाइड फैसिलिटी डेवलप की जाएंगी.
इसके लिए टूरिज्म पॉलिसी के तहत निजी उद्यमियों को 30 प्रतिशत तक फाइनेंशियल सपोर्ट दिया जा रहा है. सरकार चाहती है कि पर्यटन के क्षेत्र में अधिक से अधिक निवेश हो और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलें.
यह बातें पर्यटन सचिव निलेश रामचंद्र देवरे ने कही. उन्होंने मुख्य सचिवालय स्थित पर्यटन विभाग के कार्यालय में आयोजित एक महत्वपूर्ण ऑनलाइन बैठक के दौरान उद्यमियों (Entrepreneurs) को संबोधित किया. इस बैठक में बिहार के विभिन्न जिलों से जुड़े कुल 21 उद्यमियों ने भाग लिया. पर्यटन सचिव ने सभी उद्यमियों से एक-एक कर बातचीत की और उनकी प्रस्तावित तथा चल रही परियोजनाओं की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की.
बैठक में पर्यटन सचिव ने क्या कहा?
बैठक के दौरान पर्यटन सचिव ने उन उद्यमियों से विशेष रूप से आग्रह किया, जिन्हें पर्यटन नीति के तहत प्रथम चरण की स्वीकृति मिल चुकी है. उन्होंने कहा कि ऐसे उद्यमी अब दूसरे चरण की वित्तीय स्वीकृति के लिए आवेदन करें. ताकि उनकी परियोजनाओं को समय पर पूरा किया जा सके और काम में किसी तरह की रुकावट न आए.
लोन पर क्या बोले निलेश रामचंद्र देवरे?
निलेश रामचंद्र देवरे ने बैंकों से लोन को लेकर आ रही परेशानियों पर भी ध्यान दिलाया. उन्होंने कहा कि अगर किसी भी उद्यमी को बैंक से लोन स्वीकृत होने में देरी हो रही है या अनावश्यक अड़चनें डाली जा रही हैं, तो इसकी जानकारी पर्यटन विभाग को दें. विभाग बैंकों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर लोन निर्गत कराने में पूरी मदद करेगा.
पर्यटन सचिव ने बताया कि विभाग का टारगेट है कि बिहार के हर जिले में पर्यटकों के लिए बुनियादी और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हों. इससे न केवल घरेलू बल्कि बाहरी पर्यटकों की संख्या भी बढ़ेगी. उन्होंने उद्यमियों से अपील की कि वे पर्यटन नीति के तहत निवेश करने के लिए अपने इष्ट-मित्रों और परिचितों को भी मोटिवेट करें.