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सहरसा सदर अस्पताल में शर्मनाक घटना: एंबुलेंस कर्मी निकला दुष्कर्म प्रयास का मुख्य आरोपित, 24 घंटे में तीन गिरफ्तार
पूरी खबर:
सहरसा। सदर अस्पताल परिसर में इलाज के लिए पहुंची एक लड़की के साथ दुष्कर्म के प्रयास का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस मामले में अस्पताल का ही एक एंबुलेंस कर्मी मुख्य आरोपित निकला। आरोप है कि एंबुलेंस कर्मी ने ओपीडी पुर्जा कटाने के बहाने लड़की को बहलाकर अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग में ले जाकर उसके साथ छेड़खानी करते हुए दुष्कर्म का प्रयास किया।
जानकारी के अनुसार, घटना के समय अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग में पहले से दो युवक बैठकर नशा का सेवन कर रहे थे। पीड़िता के शोर मचाने पर वह किसी तरह वहां से भागकर नीचे उतरी, जिसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ। अस्पताल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच में पूरी घटना कैद पाई गई, जिसके आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के भीतर तीनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया।
इस संबंध में सदर एसडीपीओ आलोक कुमार ने बताया कि गुरुवार को पीड़िता के आवेदन पर महिला थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई। पूछताछ के दौरान अस्पताल कर्मियों द्वारा बनाए गए एक वीडियो के आधार पर सबसे पहले कृष्णा कुमार, पिता फुल रजक, निवासी न्यू कॉलोनी वार्ड नंबर-8 को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उसने बताया कि वह सीधे तौर पर दुष्कर्म मामले में शामिल नहीं था और वह अंकित कुमार, पिता प्रेम मोहन झा, निवासी दिबरा वार्ड नंबर-16, थाना नवहट्टा के साथ नशा कर रहा था।
इसके बाद पुलिस ने सदर अस्पताल का सीसीटीवी फुटेज खंगाला, जिसमें स्पष्ट रूप से देखा गया कि एक एंबुलेंस कर्मी लड़की को बहलाकर पुरानी बिल्डिंग की ओर ले जाता है। एंबुलेंस कर्मी की पहचान नंद कुमार, पिता त्रिभुवन प्रसाद, निवासी धनसैनी वार्ड नंबर-46, थाना सहरसा के रूप में हुई। पुलिस ने छापेमारी कर उसे भी गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में सामने आया कि एंबुलेंस कर्मी लड़की को पुरानी बिल्डिंग के प्रथम तल पर स्थित बाथरूम में ले गया था। वहीं पास के एक कमरे में पहले से दो अन्य युवक मौजूद थे। एंबुलेंस कर्मी द्वारा छेड़खानी और दुष्कर्म का प्रयास किए जाने पर लड़की शोर मचाते हुए वहां से भागी। उसकी आवाज सुनकर अस्पताल में चल रहे प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल कुछ कर्मी मौके पर पहुंचे। इस दौरान दो युवक नीचे उतरते दिखे, जिनमें से एक को पकड़ने का प्रयास किया गया, हालांकि वह भी भागने में सफल रहा था।
बाद में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए घटनास्थल पर मौजूद तीनों युवकों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। इस पूरी कार्रवाई में सदर एसडीपीओ आलोक कुमार, साइबर थानाध्यक्ष सह पुलिस उपाधीक्षक अजीत कुमार, सदर थानाध्यक्ष सुबोध कुमार, महिला थानाध्यक्ष ज्योति कुमारी, पुलिस पदाधिकारी इंद्रजीत तांती, स्नेहा कुमारी सहित अन्य पुलिस बल की अहम भूमिका रही।
पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए आगे की जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।