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Thursday, September 18, 2025

सहरसा नगर निगम में 70-80 करोड़ के गबन का खुलासा, जांच के लिए पहुंची उड़नदस्ता टीम

सहरसा नगर निगम अपने कारनामों से हमेशा सुर्खियों में रहता है, इसी को लेकर बुधवार चार सदस्यी उड़नदस्ता प्रकोष्ठ की जांच टीम सहरसा पहुंची. नगर विकास एवं आवास विभाग के जरिए गठित जांच टीम नगर निगम में 70 से 80 करोड़ के गबन के शिकायत पर जांच पर पहुंची थी.

जांच के लिए पहुंची चार सदस्यीय टीम

चार सदस्यीय जांच टीम जब नगर निगम के कर्मी से अभिलेख उपलब्ध कराने को कहा तो अभिलेख उपलब्ध नहीं कराया गया. हालांकि जेम पोर्टल के यूजर आईडी के माध्यम से जांच हो रही है. जांच करने आए हरेंद्र कुमार उपाध्याय अधीक्षण अभियंता (उड़नदस्ता) नगर विकास एवं आवास विभाग ने जानकारी देते हुए कहा कि तत्कालीन प्रभारी नगर आयुक्त अनुभूति श्रीवास्तव के समय जेम पोर्टल से खरीद की गई.

सामानों में 70 से 80 करोड़ रुपया का गबन का परिवाद दायर किया गया था. जेम पोर्टल का यूजर आईडी उपलब्ध कराया गया है. अभिलेख उपलब्ध कराए जाने के बाद जांच की जाएगी. वहीं नगर निगम के कर्मी के जरिए जांच टीम के जरिए अभिलेख मांगे जाने पर अभिलेख उपलब्ध नहीं कराया गया और जांच में सहयोग नहीं किए जाने का इशारे-इशारे में बात कही.

वहीं परिवाद दायर करने वाले रोहित दहलान ने बताया कि हमारे फर्म आर डी इंट्ररप्रेनर से नगर निगम सहरसा के जरिए जेम पोर्टल के माध्यम से निविदा में आमंत्रित निविदा में भाग लिया गया था. हमारा फार्म बिहार के 38 जिला समेत अन्य राज्यों में कार्यरत है. यहां जो निविदा निकाला गया था, उसमें हमारे सारे टेंडर को बिना किसी रीजन का डिस्क्वायलिफाय कर दिया गया था. जिस सामग्री का हमने 2 कड़ोर 63 लाख डाला था, उस सामग्री को हमें डिस्क्वालिफाई कर 12 करोड़ 60 लाख में परचेज किया गया.

12 लाख रुपये में प्रति यूनिट बस सेल्टर का निर्माण

उन्होंने बताया कि एक बस स्टॉप सेल्टर की जिस संख्या में खरीददारी हुई. हमारे जरिए उसका मूल्य 3 लाख 50 हजार निविदा में उल्लेख किया गया था. उसका वास्तविक मूल्य लगभग दो ढाई लाख में बन जाता था, लेकिन हमारे फर्म को बिना किसी कारण के जबकि सारा दस्तावेज हमने संलग्न किया था. उसके बावजूद हमको डिस्क्वालिफाईड कर के उस टेंडर को 12 लाख रुपये प्रति यूनिट करके बस सेल्टर का निर्माण कराया गया.