सहरसा में आज अचानक हुई भारी वर्षा और आकाशीय बिजली ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया। शहर के सुनिन्दाबाद क्षेत्र में पेड़ पर बिजली गिरने से आग लग गई। हालांकि, इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
बारिश ने किसानों को सबसे ज्यादा प्रभावित किया है। खेतों में कटा हुआ गेहूं बारिश में भीग गया है। किसानों को अपनी मेहनत की फसल के बर्बाद होने का डर सता रहा है। मकई की फसल भी जलजमाव के कारण नुकसान की कगार पर है। बता दें कि बुधवार को सुबह साढ़े आठ बजे से बारिश शुरू हुई।
आकाशीय बिजली गिरने से लगी आग
इस दौरान तेज बारिश के साथ आकाशीय बिजली गिरा, शहर वार्ड 43 में तार के पेड़ पर आकाशीय बिजली गिरने के बाद आग लग गया। जिले के विभिन्न हिस्सों में आकाशीय बिजली की तेज गड़गड़ाहट से लोगों में दहशत का माहौल है।
सड़कों पर हुआ जलजमाव
शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह से ठप हो गई है। शहर के मुख्य सड़कों पर जलजमाव के कारण वाहनों की आवाजाही बाधित है। लोग छाते के सहारे यात्रा करने को मजबूर हैं। न्यू कॉलोनी के निवासी स्थानीय लक्ष्मीकांत झा ने कहा कि हल्की बारिश में ही मोहल्ले में जल जमाव की स्थिति बन गई है।
प्रभावित किसानों ने सरकार से तत्काल क्षतिपूर्ति की मांग की है। उनका कहना है कि समय पर राहत नहीं मिलने से उनकी आर्थिक स्थिति और खराब हो सकती है।
सहरसा जिला कृषि पदाधिकारी संजय कुमार ने कहा कि अप्रैल महीने में भीषण गर्मी पड़ रही थी। इसी दौरान अचानक मौसम में बदलाव हुआ और बारिश के साथ वज्रपात हुआ है। उन्होंने कहा कि किसानों के फसलों को जो क्षति हुई है, उसके लिए सरकार के निर्देश के अनुसार इसका आकलन करने के बाद मुआवजा दिया जाएगा।