संतनगर थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत बनकी के सहरसा गांव स्थित मां की डांट से छुब्ध होकर किशोरी ने घर के बड़ेर के सहारे रस्सी में झूल कर जान दे दी।गांव निवासी रमेश विश्वकर्मा ने बताया कि सोमवार की देर रात उनकी 16 वर्षीय पुत्री रोशनी गांव में ही आई हुई बरात में आर्केस्ट्रा देखने के लिए गई हुई थी।मंगलवार की सुबह 6:00 बजे के करीब जैसे ही घर पहुंची तो मां शीला विश्वकर्मा ने उसके रात भर घर न आने का कारण पूछा।जिस पर किशोरी ने इधर-उधर की बात करनी शुरू कर दी।
गुस्से में आकर मां ने पुत्री को थोड़ी सी फटकार लगा दि, जिससे गुस्से में आकर रोशनी घर में लगे बड़ेर से रस्सी का फंदा गले में लगा कर झूल गई। सुबह के लगभग 7:30 के करीब परिजन उसे बड़ेर के सहारे लटकता देख हस्तप्रभ हो गए। आनन आनन फानन में उसे नीचे उतार कर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पटेहरा लेकर पहुंचे। वहां देखते ही डॉक्टर वाजिद जमील ने मृत् घोषित कर दिया। मृतका दो बहन एक भाई में सबसे बड़ी थी। वह कंपोजिट विद्यालय सहरसा में कक्षा 7 की छात्रा भी थी। मृतका की मां शीला विश्वकर्मा बेटी की मौत के बाद अपने आप को कोसती नजर आई कि काश उसने अपने पुत्री को फटकार ना लगे होती तो उसकी मौत ना होती। रोशनी की मौत के बाद अब 10 वर्षीय भाई दीपक और एक 5 वर्षीय बहन नंदनी बची है।
थाना प्रभारी निरीक्षक धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि पिता की सूचना पर शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया गया है।
