रूपा अपने जीजा और संतोष के साथ मिलकर पंकज की हत्या के साजिश में शामिल थी। रूपा की शादी से पहले उसके जीजा संतोष के साथ रिलेशनशिप में थी। संतोष ने अपने साली की शादी बिदुपुर के पंकज से कराई थी। जीजा और साली चुप-चुप कर मिलते थे। लेकिन जब साली और जीजा दोनों को शक हुआ कि अब हमारा मिलना जुलना बंद हो सकता है। तो रास्ते से पंकज को ही खत्म कर दिया। अभी भी संतोष पुलिस की गिरफ्त से फरार चल रहा है। लेकिन पुलिस संतोष को गिरफ्तार करने के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।
बीते 28 सितंबर को काम पर से लौट रहे पंकज को बिदुपुर थाना क्षेत्र के रहीमपुर में अपराधियों ने पांच गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया था, जिसमें रूपा ने पंकज की हत्या में लाइनर की काम किया और लोकेशन देने का काम की थी। इसके बाद अपराधियों ने पूरी घटना को अंजाम दे दिया और घटनास्थल से फरार हो गया। इसको लेकर सदर अनुमंडल पुलिस पर अधिकारी के नेतृत्व में एसआईटी टीम का गठन किया गया था, जिसमें एसआईटी टीम ने जिला आम सूचना इकाई के सहयोग से पांच अपराधी को गिरफ्तार कर अब जेल भेज दिया है।
इसकी जानकारी वैशाली एसपी ने मीडिया को दिया है। हत्या से पहले एक पत्र भेजकर हत्या की धमकी दी गई थी और फोन कॉल भी किया गया था। पुलिस ने सिम उपलब्ध कराने वाले दुकानदार को भी गिरफ्तार किया है।