मधेपुरा। एनएच 106 के निर्माण के लिए अधिकारी पूरी तरह सक्रिय हैं। इस कार्य को लेकर अनुमंडल पदाधिकारी लगातार प्रयासरत हैं। लेकिन अधिग्रहित जमीन का मुआवजा भुगतान को लेकर जमीन मालिक सक्रिय नहीं हैं। जमीन मालिकों की निष्क्रियता के कारण प्रक्रिया पूर्ण होने में देरी हो रही है। एसडीओ ने जमीन मालिकों के निष्क्रियता को देखते हुए वैकल्पिक रास्ता अपनाने की बात कही है। चौसा प्रखंड के फुलौत में अधिग्रहित जमीन की मुआवजा राशि भुगतान को लेकर कैंप लगाया गया।
इसमें जमीन मालिकों से कागजात जमा लिया जाना था। लेकिन जमीन मालिक ने दिलचस्पी नहीं दिखाया। उसके बाद मुआवजा के लिए अनुमंडल पदाधिकारी ने जमीन मालिकों को दो दिनों की आखरी मोहलत दी है। जमीन मालिक सोमवार तक अनुमंडल कार्यालय में कागजात जमा कर सकते हैं। उसके बाद जमीन मालिकों के आवेदन पर किसी तरह का विचार नहीं किया जाएगा। सोमवार के बाद विवादित जमीन का रकवा से संबंधित राशि विधिवत रूप से न्यायालय में जमा करा दिया जाएगा। जहां जमीन मालिक न्यायालय से ही मुआवजा राशि प्राप्त कर सकेंगे। यह प्रक्रिया बाद में जमीन मालिकों के लिए जटिल हो सकता है।
अनुमंडल पदाधिकारी राजीव रंजन कुमार सिन्हा ने बताया कि राष्ट्रीय उच्च पथ के निर्माण का मार्ग प्रशस्त कराने के लिए अब तक पांच बार शिविर लगाया गया है। जमीन मालिकों को नोटिस भेजकर मुआवजा कैंप की जानकारी दी गई। बावजूद कि जमीन मालिक मुआवजा के लिए कागजात जमा करने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। यह चिंतनीय है। उन्होंने कहा कि यह विकास से जुड़ा मामला है। प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद काम में तेजी आएगी। नेशनल हाइवे के बनने से आमजनों को सहुलियत होगी। शिविर के माध्यम से जमीन मालिकों से कागजात लेकर मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया अपनाया जाना था। शिविर में कई लोगों ने पूर्व में मुआवजे के लिए कागजात जमा किए। जबकि कुछ लोग कागजात जमा नहीं किए हैं। ऐसे लोगों ने कागजात जमा नहीं किए, जो बाहर रह रहे हैं। एसडीएम ने बताया कि मधेपुरा जिले के उदाकिशुनगंज अनुमंडल क्षेत्र में जमीन का मुआवजा का प्रक्रिया जल्द पूर्ण कर ली जाएगी। अब जिन लोगों ने आवेदन जमा नहीं किए हैं। वैसी स्थिति में अधिग्रहित जमीन का मुआवजा राशि न्यायालय में जमा करा दिया जाएगा।
