कई क्रिकेटर ऐसे होते हैं, जो पहले जल्दबाजी में संन्यास का ऐलान कार देते हैं, लेकिन उन्हें जब लगता है कि वह अभी फिट है और अपनी टीम के लिए अभी और योगदान दे सकते हैं, तो वह मैदान में एक बार फिर वापसी कर लेते हैं. आज हम आपकों अपने इस खास लेख में ऐसे 6 खिलाड़ियों के बारे में बताएंगे, जिन्होंने संन्यास से वापसी की थी.
केविन पीटरसन
केविन पीटरसन ने 2011 के दौरान टीम के कोच पीटर मूर्स से अनबन के कारण सीमित ओवर वाले क्रिकेट को अलविदा कह दिया था. बता दें, कि पीटरसन अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी के लिए पहचाने जाते थे.
लेकिन इसी के साथ इस खिलाड़ी ने संन्यास के कुछ महीने बाद ही वापसी की घोषणा कर दी थी.
कुछ समय बाद ये एक बार फिर से विवादों में आये, जिसके चलते इन्हें टीम से बाहर कर दिया गया और फिर कभी यह खिलाड़ी इंग्लैंड की राष्ट्रीय टीम का हिस्सा नहीं बन पाया. केविन पीटरसन फिलहाल कमेंट्री करते हुए नजर आते हैं.
इमरान खान
इमरान खान ने 1987 विश्व कप के बाद संन्यास ले लिया था, लेकिन पाकिस्तान के राष्ट्रपति जिया-उल-हक, इमरान को फिर से क्रिकेट की पिच पर देखना चाहते थे.
वहीं क्रिकेट के दर्शक तो लगातार उनकी वापसी के लिये प्रदर्शन कर रहे थे, जिसके बाद इमरान ने 1992 विश्व कप से टीम में अपनी वापसी दर्ज कराई. इतना ही नहीं इस खिलाड़ी ने धमाकेदार वापसी कर अपनी टीम को भी ऐतिहासिक जीत दिलाई.
इस पाकिस्तानी खिलाड़ी ने क्रिकेट में अपनी वापसी 39 साल की उम्र में की थी. वह पाकिस्तान के क्रिकेट इतिहास के सर्वश्रेष्ठ कप्तान और ऑलराउंडर माने जाते हैं. वर्तमान समय में वह पाकिस्तान के प्रधानमंत्री भी है.
जावेद मियांदाद
पाकिस्तान के क्रिकेट इतिहास के अगर सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज की बात की जाती है, तो इसमें जावेंद मियांदाद का ही नाम लिया जाता है.
ये क्रिकेट की दुनिया के ऐसे खिलाड़ी हैं, जिन्होंने संन्यास के महज कुछ समय बाद ही टीम के अंदर अपनी वापसी दर्ज कराई थी. बता दे इस खिलाड़ी ने पाकिस्तान की तत्कालीन प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो की गुजारिश से की थी, जिसके बाद इन्होने अपने संन्यास का फैसला बदल डाला था.
जावेद मियांदाद ने पाकिस्तान के लिए 124 टेस्ट मैच खेले थे. जिसमे 52.57 की शानदार औसत से 8832 रन बनाये थे.
वही उन्होंने पाकिस्तान के लिए 233 वनडे मैच खेले थे. जिसमे उन्होंने 41.70 की औसत से 7381 रन बनाये. जावेंद मियांदाद ने टेस्ट में 23 शतक व 43 अर्धशतक लगाये. वही उन्होंने वनडे में 8 शतक और 50 अर्धशतक लगाये.
शाहीद अफरीदी
शाहीद अफरीदी को साल 2010 के दौरान पाकिस्तान का टेस्ट कप्तान बनाया गया था. एक मैच को लीड करने के बाद इन्होंने दूसरे मैच में अपने संन्यास की घोषणा कर दी थी, लेकिन 2011 के दौरान इस खिलाड़ी ने एक बार फिर से टीम में अपनी वापसी दर्ज कराई थी.
लेकिन कोच वकार यूनिस से मतभेद के बाद इन्होने फिर से संन्यास लेने की घोषणा कर दी, जिसके बाद इस खिलाड़ी को बार-बार संन्यास की घोषणा और वापसी की घटनाओं की वजह से आलोचना का भी सामना करना पड़ा था.
बता दें, कि शाहिद अफरीदी एक बहुत अच्छे स्पिन ऑलराउंडर थे, वो अपनी शानदार स्पिन गेंदबाजी के साथ-साथ अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी के लिए पहचाने जाते थे.
अंबाती रायडू
भारतीय टीम के मध्यक्रम के बल्लेबाज अंबाती रायडू ने 3 जुलाई को वनडे क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी थी. हालांकि अब उन्होंने संन्यास से यू टर्न ले लिया है. उनके कुछ करीबी लोगो ने उन्हें समझाया और उन्होंने संन्यास से वापसी कर ली थी.
दरअसल, विश्व कप 2019 के एक साल पहले तक अंबाती रायडू भारतीय टीम के लिए नंबर-4 पर बल्लेबाजी कर रहे थे, लेकिन जब विश्व कप में लेकर जाने की बात आई, तो उन्हें चयनकर्ताओं ने उन्हें नजरंदाज कर दिया.
भारत के पास इस विश्व कप में नंबर-4 का कोई भी स्पेशलिस्ट बल्लेबाज नहीं है, इसलिए अंबाती रायडू विश्व कप में अपनी जगह डिजर्व करते थे. विश्व कप में जगह ना मिलने के दुःख से ही उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया था.