इलाज के बदले कर दिया पटना रेफर : करीब सात-आठ माह की गर्भवती होने व चेन्नई से लंबी दूरी तय कर ट्रेन से बेगूसराय पहुंचने के कारण शुक्रवार की सुबह प्रसव के निर्धारित समय से पूर्व ही उसे प्रसव पीड़ा होने लगी। जिसके कारण उसे तुरंत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मटिहानी लाया गया और उसकी गंभीर स्थिति को देख उसे सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। सुबह में सदर अस्पताल पहुंचने पर काफी देर बाद एक महिला चिकित्सक ने उसे देखा और इलाज करने की बजाय उसे पटना रेफर कर दिया। साथ में किसी स्वजन के नहीं होने के कारण वह पटना नहीं जा सकी और फिर से उसे मटिहानी पहुंचा दिया गया।
स्वजनों को समझा पहुंचाया घर : उस युवती के मटिहानी पहुंचने पर बीडीओ भुवनेश मिश्र, सीओ उपेंद्र कुमार व थानाध्यक्ष ने युवती के स्वजनों को समझाकर उसे किसी तरह घर पहुंचाया। परंतु इलाज नहीं होने के कारण शुक्रवार की दोपहर ही उसे फिर से प्रसव पीड़ा व ब्लीडिग होने लगी। जिसके कारण उसे फिर मटिहानी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया और वहां से सदर अस्पताल पहुंचाया गया। जहां अधिकारियों के प्रयास के बाद उसका इलाज शुरु हो सका। समाचार प्रेषण तक उसे सदर अस्पताल में भर्ती कर लिया गया है।
बोले डीएस : सदर अस्पताल के अधीक्षक डॉ. आनंद कुमार शर्मा ने कहा कि समय पूर्व प्रसव में होने वाले खतरे को देखते हुए उसे रेफर किया गया था। परंतु वह नहीं गई और घर चली गई। अब फिर सदर अस्पताल आई है, तो उसे अस्पताल में भर्ती कर इलाज शुरु कर दिया गया है।
बोले बीडीओ : बीडीओ भुवनेश मिश्र ने कहा कि वह युवती गुरुवार की शाम मटिहानी आई थी, लेकिन प्रेमी के साथ भाग जाने के कारण स्वजन घर में रखने से इनकार कर दिए थे। उसे रात में क्वारंटाइन सेंटर में ही रखा गया और सुबह पेन होने पर उसे सदर अस्पताल भेजा गया। परंतु वहां उसे भर्ती नहीं किया गया। जिसके कारण उसके स्वजनों को समझा कर उसे घर पहुंचाया गया। शुक्रवार की दोपहर उसे ब्लीडिग होने के कारण फिर उसे सदर अस्पताल भेजा गया और एसडीओ से बात कर सदर अस्पताल में इलाज कराने में मदद करने का अनुरोध भी किया। उन्होंने कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो, उसके बेहतर इलाज के लिए हम खुद भी खर्च उठाने को तैयार हैं।
बोले डीएम : मामले की जानकारी देने पर डीएम अरविद कुमार वर्मा ने कहा कि हम तुरंत इस मामले को देखते हैं। उन्होंने कहा कि उसके इलाज की पुख्ता व्यवस्था होगी, किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी।
