पटना। बिहार में बढ़ते अपराध को लेकर शुक्रवार को विधानसभा परिसर में सियासी तापमान बढ़ा रहा। मुख्य विपक्षी दल राजद के विधायकों ने पोर्टिको में एकजुट होकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
हाथों में पोस्टर और तख्तियां लेकर पहुंचे नेताओं ने कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए। विपक्ष का आरोप था कि राज्य में अपराध की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। प्रदर्शन के दौरान परिसर में कुछ देर के लिए गहमागहमी का माहौल बना रहा।
हत्या-लूट की घटनाओं का मुद्दा
राजद नेताओं ने कहा कि हत्या, लूट और दुष्कर्म की वारदातों से लोग डरे हुए हैं। उनका दावा था कि संगठित अपराध की गतिविधियां भी बढ़ी हैं। विपक्ष ने आरोप लगाया कि आम जनता खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार अपराध नियंत्रण में पूरी तरह विफल रही है। राज्य की छवि पर भी इसका नकारात्मक असर पड़ रहा है।
विकास के दावों पर सवाल
विपक्ष ने सरकार के विकास और सुशासन के दावों पर भी निशाना साधा। कहा कि अपराध के मामले में बिहार 'नंबर वन' बनने की ओर है। साथ ही प्रति व्यक्ति आय कम होने का मुद्दा भी उठाया गया। नेताओं ने कहा कि जमीनी हकीकत सरकार के दावों से अलग है। इस मुद्दे को सदन के अंदर भी जोर-शोर से उठाने की बात कही गई।
सख्त कार्रवाई की मांग
प्रदर्शन के दौरान विपक्ष ने अपराध पर नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन तेज होगा। सदन से लेकर सड़क तक संघर्ष जारी रखने का ऐलान किया गया। विपक्ष ने सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की। जनता की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात दोहराई गई।
सत्ता पक्ष ने आरोप खारिज किए
वहीं सत्ता पक्ष के नेताओं ने विपक्ष के आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया। उन्होंने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में है। सरकार ने अपराधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई का दावा किया। सत्ता पक्ष का कहना है कि विपक्ष मुद्दों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर रहा है। इस बीच अपराध को लेकर सियासी घमासान जारी रहने के संकेत मिल रहे हैं।