पटना। बिहार विधानसभा का माहौल उस वक्त चर्चा में आ गया, जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का व्यवहार सबका ध्यान खींच ले गया। बजट सत्र के दौरान सदन में औपचारिकता और आत्मीयता, दोनों का अनोखा मेल देखने को मिला।
कभी नीतीश कुमार राज्यपाल के प्रति सम्मान जताते नजर आए, तो कभी उसी सदन में उनका अंदाज बिल्कुल सहज और अपनापन भरा दिखा।
राज्यपाल के प्रति दिखा पारंपरिक सम्मान
विधानसभा परिसर में राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आगे बढ़कर राज्यपाल के पैर छुए। यह दृश्य देखते ही सदन में मौजूद कई सदस्य चौंक गए। राजनीतिक हलकों में इसे नीतीश कुमार की पारंपरिक सोच और संवैधानिक पद के प्रति सम्मान के तौर पर देखा गया। कुछ नेताओं ने इसे भारतीय संस्कृति की झलक बताया, तो कुछ ने इसे सियासी संदेश से भी जोड़कर देखा।
बदला अंदाज, कंधे पर रखा हाथ
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सदन में मौजूद नेताओं से बातचीत करते हुए बेहद सहज नजर आए। इसी दौरान उन्होंने एक नेता के कंधे पर हाथ रखा और मुस्कुराते हुए हालचाल पूछा। यह दृश्य उनके सरल और मिलनसार स्वभाव को दर्शाता नजर आया।
राजनीतिक गलियारों में शुरू हुई चर्चा
मुख्यमंत्री के इन दो अलग-अलग अंदाजों को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई। समर्थकों का कहना है कि नीतीश कुमार हर रिश्ते को उसकी गरिमा के अनुसार निभाते हैं, जहां सम्मान की बात आती है, वहां वे झुकने में संकोच नहीं करते और जहां अपनापन जरूरी हो, वहां वे खुलकर संवाद करते हैं।
विपक्ष ने भी ली चुटकी
वहीं विपक्षी दलों के कुछ नेताओं ने इन दृश्यों पर हल्की चुटकी लेते हुए कहा कि विधानसभा में आज शिष्टाचार और सियासत दोनों एक साथ देखने को मिले। हालांकि उन्होंने यह भी माना कि नीतीश कुमार का यह अंदाज उन्हें बाकी नेताओं से अलग बनाता है।
सत्र के साथ-साथ चर्चा भी जारी
बजट सत्र की कार्यवाही अपने तय एजेंडे पर आगे बढ़ती रही, लेकिन नीतीश कुमार के ये पल सदन से बाहर भी चर्चा का विषय बन गए। विधानसभा के भीतर दिखा यह मानवीय और सांस्कृतिक पक्ष एक बार फिर मुख्यमंत्री की अलग पहचान को रेखांकित करता नजर आया।