मधेपुरा: फर्जी प्रमाणपत्र पर नौकरी करने वाली महिला और फर्जी सर्टिफिकेट जारी करने वाला प्रिंसिपल गिरफ्तार
मधेपुरा। फर्जी शैक्षणिक प्रमाणपत्र के आधार पर सरकारी नौकरी हासिल करने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक महिला और फर्जी प्रमाणपत्र जारी करने वाले स्कूल के तत्कालीन प्रधानाचार्य को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई सिंहेश्वर विधायक और पूर्व मंत्री रमेश ऋषिदेव द्वारा की गई शिकायत के बाद कराई गई जांच के आधार पर हुई है।
गिरफ्तार महिला की पहचान कुमारखंड थाना क्षेत्र के रौता गोपालपुर निवासी गुड़िया कुमारी के रूप में हुई है, जबकि दूसरे आरोपी अनंत कुमार, रामचंद्र उच्च विद्यालय इंटर कॉलेज, गोसाईं टोला, मधेपुरा के तत्कालीन प्रधानाचार्य हैं। पुलिस ने गुड़िया कुमारी को गम्हरिया से और अनंत कुमार को जयप्रकाश नगर से गिरफ्तार किया।
दरअसल, बिहार महादलित विकास मिशन के पत्र के आलोक में 2 फरवरी 2024 को प्रकाशित मेधा सूची के आधार पर गुड़िया कुमारी का चयन विकास मित्र के पद पर कुमारखंड प्रखंड अंतर्गत रौता पंचायत में किया गया था। इसके बाद पूर्व मंत्री रमेश ऋषिदेव ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर आरोप लगाया कि गुड़िया कुमारी ने फर्जी प्रमाणपत्र के आधार पर नियोजन कराया है।
शिकायत के बाद जिलाधिकारी के निर्देश पर गुड़िया कुमारी के मैट्रिक प्रमाणपत्र, अंक पत्र और संबंधित शैक्षणिक संस्थान की जांच कराई गई। जांच की जिम्मेदारी गम्हरिया प्रखंड के प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी को सौंपी गई थी। बीपीआरओ द्वारा 26 सितंबर 2025 को सौंपी गई जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि जिस पते से गुड़िया कुमारी के मैट्रिक उत्तीर्ण होने का दावा किया गया था, वहां कोई शैक्षणिक संस्थान संचालित ही नहीं है। वहां रहने वाले मकान मालिक ने भी बताया कि उस स्थान पर कभी कोई स्कूल नहीं चला और वर्तमान में वहां जनरल स्टोर संचालित हो रहा है।
जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि भोला रामचंद्र उच्च विद्यालय इंटर कॉलेज, गोसाईं टोला के तत्कालीन प्रधानाचार्य तथा भारतीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान, मुखर्जी नगर, नई दिल्ली के अध्यक्ष एवं सचिव की भूमिका संदिग्ध है और वे इस फर्जीवाड़े में शामिल हैं।
पूरी जांच के बाद प्रभारी अनुमंडल कल्याण पदाधिकारी अनिल कुमार के आवेदन पर 4 अक्टूबर 2025 को सदर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद दोनों आरोपी फरार चल रहे थे।
सदर थानाध्यक्ष विमलेंदु कुमार ने बताया कि पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। उन्होंने कहा कि फर्जी तरीके से शिक्षण संस्थान का संचालन कर बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।