इसके अलावा कई थानाध्यक्षों से इस पूरे मामले में स्पष्टीकरण भी मांगा गया है. प्रशासन ने साफ कर दिया है कि कानून व्यवस्था में किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
यह मामला खगड़िया जिले के गंगौर सहायक थाना क्षेत्र से जुड़ा है, जहां पांच साल की बच्ची की हत्या के बाद पूरे इलाके में आक्रोश फैल गया था. इसी घटना के विरोध में बीते गुरुवार को सैकड़ों की संख्या में लोग प्रदर्शन करते हुए समाहरणालय परिसर पहुंचे. प्रदर्शनकारियों ने न केवल विरोध मार्च निकाला, बल्कि जबरन समाहरणालय के सभागार में घुसकर जमकर हंगामा किया. कुछ प्रदर्शनकारी अधिकारियों की कुर्सियों पर बैठ गए और सरकारी कार्य में बाधा डाली.
एफआईआर में 82 लोग नामजद
पुलिस के अनुसार, इस हंगामे के मामले में एफआईआर में कुल 82 लोगों को नामजद और कई अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है. अब तक 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. गिरफ्तार लोगों में युवा राष्ट्रीय जनता दल के प्रदेश महासचिव नीरज कुमार का नाम भी शामिल है, जिससे मामला और ज्यादा राजनीतिक तूल पकड़ता नजर आ रहा है.
पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार ने बताया कि यह हंगामा सुनियोजित तरीके से किया गया था। उनके अनुसार, भीड़ को जानबूझकर एकत्र किया गया और समाहरणालय में जबरन घुसकर सरकारी कामकाज को बाधित किया गया. प्रदर्शन के दौरान सरकार विरोधी नारे लगाए गए और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का भी प्रयास किया गया.
एसपी ने यह भी बताया कि हंगामे में शामिल कई लोगों ने सोशल मीडिया पर पीड़ित बच्ची का नाम और फोटो सार्वजनिक किया, जो पॉक्सो एक्ट का सीधा उल्लंघन है. पुलिस के पास इससे जुड़े पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं. इस मामले में आईटी एक्ट के तहत भी दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. सभी आरोपियों की पहचान कर सूची तैयार की जा रही है और उनके खिलाफ अलग-अलग धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की जाएगी.
घटना के दिन प्रदर्शनकारियों ने समाहरणालय के सामने कचहरी रोड को भी कुछ समय के लिए जाम कर दिया था, जिससे आम लोगों को काफी परेशानी हुई. बाद में सदर एसडीपीओ, चित्रगुप्त नगर और नगर थाना प्रभारी सहित अन्य पुलिस अधिकारियों के हस्तक्षेप और समझाइश के बाद स्थिति को नियंत्रित किया गया और भीड़ को परिसर से बाहर निकाला गया.
क्या बोले एसपी?
एसपी राकेश कुमार ने बताया कि पूरे मामले की जांच और कार्रवाई के लिए सदर एसडीपीओ वन के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया गया है. इस एसआईटी का लक्ष्य न सिर्फ हंगामा करने वालों, बल्कि इस पूरी घटना के मास्टरमाइंड तक पहुंचना है. उन्होंने कहा कि दोषी चाहे कोई भी हो, कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी.