सहरसा एयरपोर्ट विस्तार को कैबिनेट की मंजूरी: 12.08891 एकड़ भूमि अधिग्रहण, 147.76 करोड़ मुआवजा तय
सहरसा।
राज्य कैबिनेट ने बिहार में हवाई संपर्क को मजबूत करने की दिशा में एक अहम फैसला लेते हुए सहरसा और भागलपुर हवाई अड्डों के निर्माण एवं विस्तार के लिए बड़े पैमाने पर भूमि अधिग्रहण को मंजूरी दे दी है। बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में इसके लिए आवश्यक मुआवजा राशि स्वीकृत की गई, जिसके बाद जिला प्रशासन ने भू-अर्जन की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
सहरसा हवाई अड्डा के रनवे विस्तार के लिए 12.08891 एकड़ अतिरिक्त भूमि के अधिग्रहण को हरी झंडी दी गई है। इसके लिए अनुमानित मुआवजा राशि 147 करोड़ 76 लाख 56 हजार 180 रुपये तय की गई है। इस भूमि अधिग्रहण में कुल 267 भू-धारकों से जमीन ली जानी है, जिसके लिए उनसे मालिकाना दस्तावेज मांगे गए हैं। अधिग्रहण की प्रक्रिया हवाई अड्डा के पश्चिमी हिस्से में की जाएगी।
जिला प्रशासन के अनुसार जल्द ही अधिग्रहण की औपचारिक प्रक्रिया शुरू कर भू-स्वामियों को निर्धारित मुआवजा राशि का भुगतान किया जाएगा। इस परियोजना के तहत हाल ही में OLS (Obstacle Limitation Surface) सर्वे पूरा कर लिया गया है और सामाजिक प्रभाव मूल्यांकन (Social Survey) के लिए पटना से टीम के आने की तैयारी है।
बताया गया है कि सहरसा से प्रारंभिक चरण में 19 सीटर विमान सेवा शुरू करने की योजना है। इसके चालू होने से उत्तर बिहार के लोगों को पटना, दिल्ली जैसे बड़े शहरों तक पहुंचने में सहूलियत होगी। साथ ही व्यापार, पर्यटन और औद्योगिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
यह परियोजना केंद्र सरकार की उड़ान योजना के तहत राज्य के प्रमुख शहरों को हवाई मार्ग से जोड़ने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। लंबे समय से जिले में कार्यात्मक हवाई अड्डे की मांग की जा रही थी, जिसे अब जमीन पर उतारने की दिशा में ठोस कदम उठाया गया है।
हवाई सेवा शुरू होने से न केवल यात्रियों को समय की बचत होगी, बल्कि गंभीर मरीजों के लिए यह सेवा जीवनरक्षक भी साबित हो सकती है। इसके अलावा स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
प्रशासन को उम्मीद है कि भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया पूरी होते ही निर्माण एवं विस्तार कार्य शुरू कर दिया जाएगा, जिससे आने वाले समय में सहरसा हवाई अड्डा उत्तर बिहार के लिए एक महत्वपूर्ण परिवहन केंद्र के रूप में उभरेगा।