सिंहेश्वर स्थान में श्रावणी मेला के लिए 15 लाख और बाबा विशु राउत धाम चौसा के लिए 4.50 लाख रुपए राशि का आवंटन किया गया है। दरअसल बिहार सरकार ने कुछ दिन पहले राज्य में 14 जगहों पर लगाए जाने वाले श्रावणी मेले की सूची जारी की थी।
जिसमें सिंहेश्वर धाम का नाम नहीं रहने से स्थानीय लोग और श्रद्धालुओं में नाराजगी थी। इसको लेकर डीएम ने राजस्व विभाग के अपर मुख्य सचिव को पत्र लिखकर सिंहेश्वर स्थान को श्रावणी मेले की सूची में शामिल करने का अनुरोध किया था। साथ ही स्थानीय लोगों ने भी सरकार से इसकी मांग की थी।
गुरुवार की सुबह राजस्व और भूमि सुधार विभाग के मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल सिंहेश्वर स्थान पहुंचे। उन्होंने बाबा भोलेनाथ की पूजा-अर्चना के बाद राशि के आवंटन की घोषणा की। मंत्री ने कहा कि बिहार और झारखंड अलग होने के बाद सिंहेश्वर धाम मंदिर का अपना अलग महत्व है। बिहार के लिए सिंहेश्वर धाम मंदिर दूसरा बैद्यनाथ धाम मंदिर माना जाता है। राजस्व विभाग द्वारा श्रावणी मेले को लेकर बिहार के कुछ बाबा के धाम के लिए स्पेशल पैकेज का घोषणा किया था, जो कि सरकार की सूची में दर्ज है। इसके बाद उन्हें मालूम हुआ कि इसमें सिंहेश्वर स्थान का नाम नहीं है।
जानकारी मिलने पर उन्होंने बुधवार को पटना में स्पेशल बैठक बुलाकर बाबा सिंहेश्वर धाम और विशु राउत धाम चौसा को राजकीय मेला की सूची में जोड़कर कुल 19.5 लाख रुपए का आवंटन किया है। वहीं सिंहेश्वर स्थान में अतिक्रमण को लेकर मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल एक्शन में दिखे। मौजूद अधिकारियों को उन्होंने कहा कि जल्द से जल्द सिंहेश्वर स्थान से अतिक्रमण मुक्त करवाया जाए और इसके बीच में जो भी बाधक हो उन एफआईआर दर्ज करवाएं।
