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मुंगेर में पिता को उम्रकैद: नाबालिग बेटियों से दुष्कर्म का दोषी, पॉक्सो कोर्ट ने सुनाई कड़ी सजा
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मुंगेर न्याय मंडल के विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट प्रदीप कुमार चौधरी की अदालत ने सोमवार को एक बेहद जघन्य और शर्मनाक अपराध में अहम फैसला सुनाया। जमालपुर थाना क्षेत्र के इस मामले में अपनी ही नाबालिग पुत्रियों का यौन शोषण करने वाले आरोपी पिता को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 30 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
अदालत ने आदेश में कहा कि यदि आरोपी जुर्माने की राशि जमा नहीं करता है तो उसे अतिरिक्त तीन महीने की सजा भी भुगतनी होगी। वर्ष 2022 की इस घटना ने उस समय इलाके में भारी आक्रोश पैदा कर दिया था।
पत्नी की शिकायत से खुला मामला
इस हृदयविदारक मामले का खुलासा तब हुआ जब आरोपी की पत्नी ने अपने ही पति के खिलाफ जमालपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी, जो पहले केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) में रह चुका है, अपनी नाबालिग पुत्रियों को जमालपुर के एक होटल में ले जाकर उनका यौन शोषण करता था।
सूचना मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को होटल से गिरफ्तार कर लिया और मामले की गंभीरता को देखते हुए गहन जांच शुरू की।
11 गवाहों की गवाही के बाद दोषी करार
विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो एक्ट प्रीतम कुमार वैश्य ने बताया कि पुलिस की जांच के बाद आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया। अभियोजन पक्ष की ओर से 11 गवाहों की गवाही कराई गई, जिन्होंने आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों की पुष्टि की।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और साक्ष्यों के गहन विश्लेषण के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।
समाज के लिए सख्त संदेश
अदालत के इस फैसले को न्याय की बड़ी जीत माना जा रहा है। विशेष लोक अभियोजक प्रीतम कुमार वैश्य ने कहा कि यह फैसला समाज के लिए स्पष्ट संदेश है कि रिश्तों की पवित्रता को कलंकित करने वाले अपराधियों को कानून किसी भी हाल में बख्शेगा नहीं।