पटना। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने एग्री स्टैक योजना के तहत किसानों की जमाबंदी सत्यापन की जिम्मेवारी विभाग के 15 वरिष्ठ अधिकारियों को सौंप दी है। इसे अभियान का दर्जा दिया गया है।
सभी नामित पदाधिकारी 10 जनवरी तक अपने लिए आवंटित जिला मुख्यालय में शिविरों के माध्यम से जमाबंदी दावों के सत्यापन की निगरानी करेंगे।
विभाग का मानना है कि इस अभियान से एग्री स्टैक के अंतर्गत किसानों का भूमि डेटा अधिक सटीक, अद्यतन और भरोसेमंद होगा। किसानों को सभी सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से उपलब्ध हो सकेगा।
चकबंदी निदेशक राकेश कुमार को मधेपुरा, सुपौल और सहरसा, विशेष सचिव अरुण कुमार सिंह को रोहतास, कैमूर और बक्सर, निदेशक, भू-अर्जन कमलेश कुमार सिंह को पूर्वी एवं पश्चिमी चंपारण जिलों की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
अपर सचिव डॉ. महेन्द्र पाल को पूर्णिया, किशनगंज, अररिया और कटिहार, सहायक निदेशक आजीव वत्सराज को दरभंगा और समस्तीपुर जिलों का दायित्व सौंपा गया है। विशेष कार्य पदाधिकारी मणिभूषण किशोर बेगूसराय और खगड़िया जिलों में पर्यवेक्षण करेंगे। विशेष कार्य पदाधिकारी सुधा रानी को सारण और गया जिलों की जिम्मेदारी दी गई है।
बिहार सर्वेक्षण कार्यालय, गुलजारबाग, पटना की उप-निदेशक मोना झा को पटना और जहानाबाद जिलों का प्रभार सौंपा गया है। उप-सचिव डॉ. सुनील कुमार भागलपुर, मुंगेर और बांका जिलों में कार्य की निगरानी करेंगे। उप-सचिव संजय कुमार सिंह गोपालगंज और सिवान जिलों में अभियान की प्रगति का निरीक्षण करेंगे।
सहायक निदेशक, कृषि गणना अमरेन्द्र कुमार को जमुई, शेखपुरा और लखीसराय, विशेष कार्य पदाधिकारी सोनी कुमारी को वैशाली और अरवल, विशेष कार्य पदाधिकारी नवाजिश अख्तर को नालंदा, नवादा और औरंगाबाद तथा सहायक निदेशक सुमित कुमार आनंद को सीतामढ़ी, शिवहर और मधुबनी जिलों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सहायक निदेशक सुधांशु शेखर मुजफ्फरपुर और भोजपुर जिलों में अभियान का पर्यवेक्षण करेंगे।