Kosi Live-कोशी लाइव BIHAR:'पता होता लाश आएगी तो बेटे को नहीं जाने देती' : एनकाउंटर में STF जवान शहीद, पत्नी से कहा था- जल्द लौटूंगा; बेटा 4 साल का है - Kosi Live-कोशी लाइव

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Tuesday, March 17, 2026

BIHAR:'पता होता लाश आएगी तो बेटे को नहीं जाने देती' : एनकाउंटर में STF जवान शहीद, पत्नी से कहा था- जल्द लौटूंगा; बेटा 4 साल का है

मोतिहारी में अपराधियों से मुठभेड़ में स्पेशल टास्क फोर्स (STF) के जवान श्रीराम यादव (31) शहीद हो गए। पुलिस अफसरों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। मां और पत्नी ने रोते-रोते जवान को सैल्यूट किया।


थोड़ी देर में उनका पार्थिव शरीर मोतिहारी से उनके घर सीवान लाया जाएगा। यहां उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। जवान की 7 साल पहले शादी हुई थी।

दो बच्चे हैं, बड़ी 6 साल की बेटी अंशिका कुमारी है, छोटा 4 साल का अंश कुमार है। दोनों पिता के आने का इंतजार कर रहे हैं।

सोमवार रात 10 बजे श्रीराम पत्नी से कहकर निकले थे कि रेड पर जा रहा हूं। 2.30 बजे मुठभेड़ में उनकी मौत हो गई। इसमें 2 बदमाश भी ढेर हुए हैं।

जवान को पत्नी-मां और अफसरों ने श्रद्धांजलि दी
रो-रोकर जवान बेटे को श्रद्धांजलि देती मां। - Dainik Bhaskar
रो-रोकर जवान बेटे को श्रद्धांजलि देती मां।
जवान को श्रद्धांजलि देती उनकी पत्नी सिंधु। - Dainik Bhaskar
जवान को श्रद्धांजलि देती उनकी पत्नी सिंधु।
पुलिस अफसरों ने भी जवान को श्रद्धांजलि दी। - Dainik Bhaskar
पुलिस अफसरों ने भी जवान को श्रद्धांजलि दी।

पत्नी बोली- 10.30 बजे रेड पर जाने का कहकर गए थे

STF जवान की पत्नी सिन्धू देवी ने भास्कर को बताया, रात में 10.30 बजे पुलिस वाले घर आए। मेरे पति से कहा कि चलो छापेमारी करनी है। मेरे पति ने कहा कि कितने लोग हैं। पुलिस वालों ने कहा कि लोग तो कम हैं, लेकिन चलना जरूरी है। उसके बाद मेरे पति ने कहा कि तुम सो जाओ हम आते हैं। 3 बजे रात में फोन आया कि आपके पति को चोट लगी है। अस्पताल आने पर पता चला कि उनकी मौत हो गई है।


2014 में हुई थी पुलिस में बहाली

श्रीराम यादव (31) सीवान के रहने वाले हैं। वो तीन भाइयों में दूसरे नंबर पर थे। बड़े भाई गांव पर ही रहते हैं। जबकि छोटे भाई की पिछले साल 2025 में बिहार पुलिस में नौकरी लगी है और वे अभी ट्रेनिंग में रोहतास में है।

7 साल पहले श्रीराम यादव की शादी हुई थी। उनकी 6 साल की बेटी है। श्रीराम तीन भाइयों में मंझले थे। उनके पिता गांव में ही किराना दुकान चलाते हैं। 2014 में उनकी बिहार पुलिस ने बहाली हुई थी।

श्रीराम यादव के मामा ने कहा, ‘वो हमारा बहुत होनहार भांजा था। हमेशा मदद के लिए तैयार रहता था।’