बिहार के मोतिहारी में सोमवार रात 2.30 बजे स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और अपराधियों के बीच मुठभेड़ हुई। इसमें STF ने दो बदमाशों को मार गिराया, वहीं एक जवान की मौत हो गई।
मुठभेड़ चकिया थाना क्षेत्र के रामडीहा गांव में हुई है। मृतक जवान की पहचान श्रीराम यादव (31) के रूप में हुई है। मारे गए अपराधी कुंदन ठाकुर और प्रियांशु दुबे हैं। दोनों चकिया थाना इलाके के रहने वाले थे।
दोनों पर आर्म्स एक्ट में केस दर्ज थे। कुंदन ठाकुर पर चकिया थाने में तीन और साहेबगंज थाने में लूट सहित 5 केस दर्ज थे। पुलिस को मौके से एक कार्बाइन, 2 पिस्टल, 2 कट्टा मिले। 5 जिंदा कारतूस और 17 खोखे भी बरामद हुए हैं।
मुठभेड़ के बाद चकिया के ही सिहोरवा निवासी उज्जवल कुमार और संत कुमार तिवारी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
अपराधियों ने फोन कर कहा- गुंडई हम दिखाएंगे
बताया जाता है कि कुंदन ठाकुर और प्रियांशु दुबे ने चकिया थाने के एडिशनल SHO गौरव कुमार को फोन कर धमकी दी थी। नेपाल के नंबर से फोन कर अपना नाम बताते हुए कहा, 'यह क्या चल रहा है सर... न्यूज में देखे हैं कि पुलिस अपराधी के मुठभेड़ में एक बदमाश घायल, पता है अगली न्यूज क्या होगी सर? अपराधी और पुलिस के बीच मुठभेड़ में 10 से 15 पुलिसकर्मियों की हुई मौत, अपराधी फरार। गुंडई क्या होती है, आपको और पूरे शहर को दिखा देंगे।'
इसके बाद पुलिस टीम ने कॉल ट्रेस करना शुरू किया। पुलिस को जल्द ही फोन करने वालों की लोकेशन मिल गई। पुलिस की टीम और STF लोकेशन पर पहुंची और बदमाशों को घेर लिया। खुद को घिरते देख कुंदन ठाकुर और प्रियांशु दुबे फोर्स पर फायरिंग करने लगे।
पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए गोली चलाई, दोनों ओर से कुछ देर तक गोलीबारी होती रही। इसके बाद कुंदन और प्रियांशु की मौत हो गई। हालांकि, उसके कुछ साथी फरार हो गए।
एनकाउंटर के बाद DIG से लेकर SP तक मौके पर पहुंचे और ताबड़तोड़ छापेमारी की जा रही है। पुलिस पूरे इलाके में सर्च अभियान चला रही है।
एनकाउंटर की पूरी कहानी
इस धमकी के बाद पुलिस लगातार आरोपी की तलाश में छानबीन कर रही थी। इसी दौरान सोमवार रात पुलिस को सूचना मिली कि कुंदन ठाकुर चकिया थाना के सिहोरवा गांव आया है। यहां संत कुमार के घर पर 3 अपराधी जमा हुए हैं।
SDPO संतोष कुमार के नेतृत्व में पूरी टीम बनाई गई। चकिया थाना पुलिस, STF मिलाकर 20 से 25 पुलिसवाले 15 मिनट में 6 किमी दूर संत कुमार के घर पर पहुंचे।
सबसे आगे कॉन्स्टेबल श्रीराम यादव थे। उन्होंने घर की घंटी बजाई। करीब 2 मिनट बाद एक बूढ़ा व्यक्ति आया, उसने दरवाजा खोला और अंदर चला गया।
उसके तुरंत बाद घर की सारी लाइट्स ऑफ हो गई। पुलिसकर्मियों के घर में दाखिल होने से पहले ही अपराधियों ने 2 राउंड फायरिंग की। इसमें से एक गोली श्रीराम यादव के सीने, दूसरी कमर में लगी। अपराधी ने कार्बाइन से फायर किया था।
इसके बाद पुलिस ने तुरंत जवाबी फायरिंग शुरू कर दी। 10 मिनट तक दोनों तरफ से गोलियां चलीं। 20 से 30 राउंड फायरिंग हुई। इसी दौरान दोनों अपराधी कुंदन और प्रियांशु को भी गोली लगी।
अपराधी ने एक दिन पहले पुलिस को धमकाया थाः DIG
मामले की जानकारी देते हुए DIG हरकिशोर राय ने कहा, 'सूचना मिली थी कि कुछ अपराधी हथियार के साथ घर में छिपे हुए हैं। इसको लेकर मोतिहारी पुलिस और STF टीम छापेमारी करने गई थी। उसमें अपराधियों ने फायरिंग की।
जिसमें जवान को गोली लगी, पुलिस द्वारा जवाबी फायरिंग की गई जिसमें 2 अपराधी घायल हो गए थे। घायलों को अस्पताल इलाज के लिए लाया गया, हॉस्पिटल लाने के बाद जवान की मौत हो गई। दोनों अपराधी की भी मौत हो गई है। दोनों का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है।'
‘अगली न्यूज में 15 पुलिस वालों की मौत होगी’ मुठभेड़ से एक दिन पहले अपराधी कुंदन ने चकिया के एडिशनल SHO गौरव कुमार को फोन कर धमकाया था। दोनों की बातचीत का करीब साढ़े 4 मिनट का ऑडियो सामने आया है। पढ़ें बातचीत..
कुंदन ठाकुरः प्रणाम सर, मैं कुंदन बोल रहा हू। ये क्या चल रहा है सर?
SHO: क्या.. SP सर बुला रहे हैं।
कुंदन ठाकुरः मुझे और मेरे परिवार वालों को क्यों तंग किया जा रहा है? न्यूज में पढ़े कि अपराधी और पुलिस के बीच मुठभेड़ हुई है। इस मुठभेड़ में एक अपराधी घायल हो गया है।
कुंदन ठाकुरः क्या सर(एसपी) का घर-परिवार नहीं है क्या?
कुंदन ठाकुरः आप लोग जो जानकारी दे रहे हैं, वह अभी चल रही है। लेकिन पता है अगली न्यूज क्या होगी?
SHO: क्या होगी?
कुंदन ठाकुरः अपराधी-पुलिस के बीच मुठभेड़ में 10-15 पुलिसकर्मी मारे गए और अपराधी फरार। गुंडई क्या होती है, वो पूरे शहर को दिखा देंगे। आपलोगों समझ नहीं आ रहा है न…मेरे घर पर 70-80 पुलिसकर्मी जो रेड मार रहे हैं, हार्डडिस्क ले जा रहे हैं। ये सारे खर्च कौन देखेगा। 10-15 हजार का हार्डडिस्क कौन बार-बार लगाएगा। हम लोग कहां से मेंटेंन करेंगे।
कुंदन ठाकुरः जब हमने कहा कि हम लोगों की तरफ से आपलोगों को कोई दिक्कत नहीं होगी, तो फिर आपलोग बिना वजह उंगली क्यों कर रहे हैं। मोतिहारी में जो पुलिस पर गोली चलने वाली खबर जो चल रही है, वो कहां से चल रही है।
SHO: मैं नहीं जानता हूं। कुंदन ठाकुरः हमारी-पुलिस के बीच मुठभेड़ होगी, तो मैं लड़ने वालों में से हूं। भागने वाला नहीं हूं। 47-56 गोली-बंदूक चलाने हमको भी आता है। एक काम कीजिए, हम आपको आधे घंटे का समय देते हैं। चकिया में एक घर का लोकेशन देते हैं। अगर हिम्मत है तो मुझे जिंदा पकड़कर दिखाइए। बोलिए आएं हम चकिया…
SHO: तुम चकिया में नहीं हो क्या?
कुंदन ठाकुरः नहीं हम पटना में बैठे हैं, लेकिन आपके बोलने पर चकिया आते हैं। लेकिन इस बार वाले मुठभेड़ में पुलिसकर्मी मरेगा हम नहीं मरेंगे। ये बात याद रखिएगा। ये न्यूज बहुत जल्दी आएगा। हम बहुत ज्यादा दूर नहीं हैं, आसपास ही हैं और हमेशा तैयार हैं। सर को बोल दीजिए कि कुंदन हमेशा तैयार रहता है। कुंदन को गोली चलाना सीखना नहीं है। वह पहले से जानता है, दोनों हाथों से चला सकता है।
SHO: धमकी दे रहे हो...
कुंदन ठाकुरः हम आपको धमकी नहीं, एडवाइस दे रहे हैं। मेरे घर-परिवार वालों को परेशान मत कीजिए। मेरी मां से आप लोग तुम-ताम कर के जाइएगा, तो नतीजा यही होगा।
SHO: हमको एडवाइस की जरूरत नहीं है।
कुंदन ठाकुरः ठीक है सर, आपलोग तैयार रहिएगा। हम तैयार हैं।