कोशी लाइव_नई सोच नई खबर
प्रिंस कुमार राज...
अभाविप मधेपुरा के जिला संगठन मंत्री उपेंद्र कुमार भरत और उनके टीम कोरोना जैसी बीमारियों को लेकर स्थानीय मधेपुरा के सदर अस्पताल में संज्ञान लिया कोरोना जैसे सक बीमारियों के चेकअप करवाने आए विभिन्न प्रखंडों के लोग ने कहा की मधेपुरा सदर अस्पताल की स्थिति बड़ा दयनीय है ।
कई मरीज निराश होकर घर चले जाते हैं ।
कोरोना विभाग के गार्ड लोगों से अभद्र व्यवहार करते दिखे पाए गए ।
कोरोना विभाग के डॉ एक्सपीरियंस होल्डर नहीं है । आप खुद देख सकते हैं जाकर ।
प्रत्येक मरीज को कहा गया है की 14 दिन तक किसी से मिलना नहीं है ।
जिस मरीज को ज्यादा बुखार एवं दमा,खांसी है उनको भी बिना दवा देते हुए कहा गया 14 दिन तक किसी से मिलना नहीं और अकेले रहना है ।
कई ऐसे संदिग्ध मरीज बाहर से आए हुए हैं । दिल्ली,जम्मू ,पंजाब इत्यादि कई शहर से जिन्हें डॉक्टर अपनी जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ कर मरीज को बिना दवा देते हुए अपने घर को जाने को कहा और कहा 14 दिन तक ना किसी से मिलना है और न ही घूमना है । ऐसे में जिस मरीज को कोरोना का सक लगे तो सवाल किस से पूछा जाए डॉक्टर से या प्रशासन से या फिर किससे । अंत में हेल्पलाइन के माध्यम से खबर मिलती है तो सिर्फ आश्वासन देकर नजदीकी अस्पताल का हवाला दिया जाता है ।
मौके पर सत्यम यादव राघव शाह प्रेम यादव सुनील सिंह मनीष यादव शिवकुमार मनोज कुमार राहुल कुमार संजय यादव इत्यादि कई लोग थे ।
प्रिंस कुमार राज...
अभाविप मधेपुरा के जिला संगठन मंत्री उपेंद्र कुमार भरत और उनके टीम कोरोना जैसी बीमारियों को लेकर स्थानीय मधेपुरा के सदर अस्पताल में संज्ञान लिया कोरोना जैसे सक बीमारियों के चेकअप करवाने आए विभिन्न प्रखंडों के लोग ने कहा की मधेपुरा सदर अस्पताल की स्थिति बड़ा दयनीय है ।
कई मरीज निराश होकर घर चले जाते हैं ।
कोरोना विभाग के गार्ड लोगों से अभद्र व्यवहार करते दिखे पाए गए ।
कोरोना विभाग के डॉ एक्सपीरियंस होल्डर नहीं है । आप खुद देख सकते हैं जाकर ।
प्रत्येक मरीज को कहा गया है की 14 दिन तक किसी से मिलना नहीं है ।
जिस मरीज को ज्यादा बुखार एवं दमा,खांसी है उनको भी बिना दवा देते हुए कहा गया 14 दिन तक किसी से मिलना नहीं और अकेले रहना है ।
कई ऐसे संदिग्ध मरीज बाहर से आए हुए हैं । दिल्ली,जम्मू ,पंजाब इत्यादि कई शहर से जिन्हें डॉक्टर अपनी जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ कर मरीज को बिना दवा देते हुए अपने घर को जाने को कहा और कहा 14 दिन तक ना किसी से मिलना है और न ही घूमना है । ऐसे में जिस मरीज को कोरोना का सक लगे तो सवाल किस से पूछा जाए डॉक्टर से या प्रशासन से या फिर किससे । अंत में हेल्पलाइन के माध्यम से खबर मिलती है तो सिर्फ आश्वासन देकर नजदीकी अस्पताल का हवाला दिया जाता है ।
मौके पर सत्यम यादव राघव शाह प्रेम यादव सुनील सिंह मनीष यादव शिवकुमार मनोज कुमार राहुल कुमार संजय यादव इत्यादि कई लोग थे ।
