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बिहारशरीफ (नालंदा)। स्टेट ऑफ होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे शिप 'अवाना' के कैप्टन राकेश रंजन सिंह (47) के निधन की खबर से पूरे नालंदा और रांची में शोक की लहर दौड़ गई है। युद्ध जैसे हालात के बीच समुद्र में फंसे जहाज पर उनकी मौत ने सभी को स्तब्ध कर दिया है।
राकेश मूल रूप से बिहारशरीफ के प्रोफेसर कॉलोनी निवासी थे, जबकि उनका परिवार रांची के अरगोड़ा स्थित वसुंधरा अपार्टमेंट में रहता है। परिवार में पत्नी रंजू कुमारी, बड़ा बेटा प्रवर सिंह (बेंगलुरु में इंजीनियरिंग छात्र) और छोटा बेटा ओम शामिल हैं। घटना के बाद परिवार गहरे सदमे में है।
करीब 24 वर्षों से मर्चेंट नेवी में कार्यरत राकेश रंजन सिंह अपने परिवार और समाज में मिलनसार स्वभाव के लिए जाने जाते थे। बड़े भाई उमेश कुमार ने भावुक होकर कहा कि अगर युद्ध एक दिन बाद शुरू होता तो शायद उनके भाई की जान बच जाती।
परिजनों के अनुसार, 18 तारीख को आखिरी बातचीत में राकेश ने समुद्र में बिगड़ते हालात और जहाजों के फंसे होने की चिंता जताई थी। इसके बाद अचानक उनके निधन की खबर आई।
फिलहाल उनके शव को भारत लाने की प्रक्रिया जारी है। अंतिम संस्कार नालंदा के सरमेरा प्रखंड स्थित उनके पैतृक गांव गोवा चक में किया जाएगा।
इस दुखद घटना के बाद बिहारशरीफ और रांची में शोक का माहौल है। वसुंधरा अपार्टमेंट में सन्नाटा पसरा है और हर साल होने वाला दशहरा पूजा समारोह भी रद्द कर दिया गया है। राकेश को नम आंखों से याद किया जा रहा है।