*JNKT मेडिकल कॉलेज में सुविधाओं का अभाव...लोगों ने दिया धरना:* स्थानीय लोगों में व्याप्त आक्रोश
रिपोर्ट /रामानंद कुमार मधेपुरा
* वादा तो था एयर एंबुलेंस का मरीज को नहीं मिल रहा एंबुलेंस।
* मुख्यमंत्री ने कहा था अब कोशी के मरीज को इलाज के लिए नहीं जाना होगा बाहर, मेडिकल कालेज बना रेफरल अस्पताल।
नागरिक मंच मधेपुरा के बैनर तले 6 सितंबर 2024 को जननायक कर्पूरी ठाकुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल, मधेपुरा पर 11 सूत्री मांगों को लेकर अध्यक्ष राजेंद्र यादव की अध्यक्षता में एक दिवसीय विशाल धरना दिया। इस धरना कार्यक्रम को नागरिक मंच के संरक्षक विजेंद्र प्रसाद यादव, प्रमोद प्रभाकर, गणेश मानव, रामचंद्र दास, आनंद मंडल, सिंहेश्वर प्रमुख इस्तियाक आलम, उप प्रमुख मुकेश कुमार, नागरिक मंच के महासचिव अनिल अनल, अरविंद यादव, कोषाध्यक्ष, उपाध्यक्ष विद्याधर मुखिया, अमेश यादव, पंकज यादव, सचिव निशांत यादव, संजीव कुमार, कृष्ण कुमार, रमेश शर्मा, पिंटू कुमार, वसीमुद्दीन उर्फ नन्हे आदि ने संबोधित किया। इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि मेडिकल कालेज अस्पताल के स्थापना हुए 4 साल से अधिक बीत चुके हैं, लेकिन इतने दिन बीतने के बाद भी मधेपुरा और कोशी के आम लोगों को इलाज के लिए बाहर ही जाना पड़ रहा है। मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफरल अस्पताल बनकर रह गया है। इसके लिए नागरिक मंच ने ई -शिक्षा कोष ऐप के तर्ज पर मेडिकल कॉलेज अस्पताल के चिकित्सक और कर्मियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए एप बनाने की मांग की। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि मेडिकल कॉलेज अस्पताल में कार्यरत चिकित्सक हाजरी बना कर अस्पताल से गायब रहते हैं इसलिए जरूरी है कि चिकत्सक और कर्मियों के रोस्टर को सार्वजनिक करते हुए उसे मुख्य द्वार और विभागों में प्रदर्शित किया जाय। वक्ताओं ने बताया कि पूरा अस्पताल जूनियर डॉक्टर के सहारे चल रहा है। इसलिए जरूरी है ओपीडी और इमरजेंसी में सभी विभागों के सीनियर डॉक्टरों की उपस्थिति सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही मेडिकल कॉलेज अस्पताल के सभी विभागों में सीनियर (MS/MD/DM) चिकित्सकों का पदस्थापन हो। इसमें न्यूरोसर्जन, गैस्ट्रोलॉजिस्ट, कार्डियोलॉजिस्ट, ऑर्थोपेडिक सर्जन, इंटरनल मेडिसिन आदि को प्राथमिकता दिया जाए। वक्ताओं ने कहा कि मेडिकल कॉलेज अस्पताल में चिकित्सा के लिए आवश्यक उपकरण की घोर कमी है। हड्डी जोड़ने वाले स्टील को गरीब मरीज बाहर महंगे दामों पर खरीद कर लाने को मजबूर है। कई दवा लोगों को बाहर से खरीदना पड़ता है यहां तक कि दावा एयर एंबुलेंस उपलब्ध कराने की बात की गई थी वहां लोगों को एंबुलेंस भी नहीं मिल पाता है। इसकी उपलब्धता मेडिकल कालेज प्रशासन द्वारा सुनिश्चित किया जाय। वक्ताओं ने मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मूलभूत सुविधा का सवाल उठाते हुए कहा कि यहां मरीजों के पीने के लिए शुद्ध पेयजल तक कि व्यवस्था नहीं है। कई लिफ्ट खराब पड़े हैं। साफ सफाई की भी समुचित व्यवस्था नहीं है।मेडिकल कॉलेज अस्पताल में एनजीओ द्वारा भी लूट की जा रही है। बिना काम के ही कई लोगों के नाम पर वेतन लिया जा रहा है। जबकि कार्यरत कर्मियों को राज्य सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम मजदूरी भी नहीं दी जा रही है। 2019 में जो बहाली निकाली गई थी उसपर आज तक बहाली पूरी नहीं की गई। मेडिकल कॉलेज अस्पताल के कुछ चिकित्सकों और कर्मियों द्वारा मरीज के प्रति भी सम्मानजनक व्यवहार नहीं की जाती है। वक्ताओं ने कहा कि यदि आज के धरना कार्यक्रम से सरकार और प्रशासन ने व्यवस्था में सुधार नहीं की तो 15 दिनों के बाद नागरिक मंच चरणबद्ध आंदोलन करेगा। इस धरना कार्यक्रम में रामचंद्र मंडल, कुमारी विनीता भारती , रामकुमार यादव, नूतन सिंह, मुखिया मुकेश कुमार, भुनेश्वरी यादव, रामजी यादव, प्रकाश पिंटू, धर्मदेव यादव, अभिनंदन मंडल, सोनू कुमार, अमित कुमार, ई. मुरारी, माधव कुमार, वरुण मेहता, मो.दिशाद आलम आदि उपस्थित थे। मंच संचालन उपाध्यक्ष नागरिक मंच राहुल यादव ने किया।
