सहरसा। बीते बीस मई को स्थानीय थाना क्षेत्र के खजुराहा पंचायत के कनौआ गांव में सुप्तावस्था के दौरान ही सिकंदर मंडल की गोली मारकर हुई हत्या के मामले में पंचायत के वर्तमान मुखिया पति समेत उसके स्वजनों को नामजद किए जाने के बाद मुखिया चंद्रिका देवी ने थाना समेत वरीय अधिकारियों को आवेदन देकर झूठे मुकदमे में फंसाने का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
मुखिया द्वारा दिए गए आवेदन में बताया गया है कि मृतक सिकंदर मंडल का आपराधिक रिकार्ड रहा है तथा मृतक अपने भाई राजेन्द्र मंडल के इशारे पर आपराधिक घटनाओं को अंजाम दिया करता था। 16 वर्ष पूर्व 2004 में कनौआ गांव निवासी भगवान दास की हत्या मामले में भी उक्त दोनों भाई नामजद अभियुक्त थे जो फिलहाल उच्च न्यायालय से जमानत पर रिहा है। साथ ही यह भी बताया है कि पूर्व में मुखिया अभ्यर्थी होने के कारण राजेन्द्र मंडल ग्रामीण राजनीति में संलग्न रहता है। इधर सिकंदर मंडल के आपराधिक इतिहास रहने से कइयों से अदावत थी। जिसके कारण किसी ने उसकी हत्या कर दी। ऐसे में राजेन्द्र मंडल अपनी राजनीति द्वेष के कारण मुखिया पति अरुण मंडल व उसके रिश्तेदारों पर सिकंदर मंडल की हत्या किए जाने के मामले में झूठा आरोप लगाकर फंसाया गया है।
