कोशी लाइव_नई सोच नई खबर।
सहरसा। रविवार को गांधी पथ स्थित शहीद जयप्रकाश भवन में एआईएसएफ, छात्र राजद, एनएसयूआई, छात्र रालोसपा, छात्र जेएसीपी और छात्र लोजद की संयुक्त बैठक हुई। एआईएसएफ नेता शंकर कुमार की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में सीएए और एनपीआर को लेकर समाज को बांटने का आरोप लगाते हुए केन्द्र सरकार की निदा की गई। छात्र संगठनों के नेताओं ने कहा कि एनपीआर और सीएए तथा एनआरसी लाकर केंद्र की एनडीए सरकार जनता के मूल समस्याओं से ध्यान भटका रही है। कहा कि महंगाई बेतहाशा बढ़ गई है। किसान आत्महत्या करने के लिए मजबूर हो रहे हैं। श्रम अधिकारों में कटौती हो रही है। छात्र अपने अधिकार की बात करते हैं तो पुलिस की लाठी के बल पर आंदोलन को दबाया जा रहा है। पूरे देश में महिलाओं और छात्राओं के साथ अत्याचार और बलात्कार की घटना घट रही है। बिहार सरकार सुशासन के नाम पर आतंक मचा रही है। सरकारी खजाने के रूपए को पानी की तरह बहाया जा रहा है। बिहार में तानाशाही और अपराध चरम है। इसके लिए एकताबद्ध होकर आंदोलन के लिए आह्वान किया। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया 30 दिसंबर को शहर के सभी चौक चौराहों पर सीएए, एनपीआर तथा एनआरसी कानून से आम जनता पर पड़ने वाले प्रभाव के बारे में नुक्कड़ सभा के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। छात्र नेताओं ने 8 जनवरी 2020 को आम छात्र हड़ताल को सफल बनाने पर विचार किया। सहरसा जिले के सभी ,कॉलेज, हाई स्कूल तथा मध्य विद्यालयों को बंद कर सरकार की जनविरोधी नीति का विरोध करने का निर्णय लिया गया। बैठक में एआईएसएफ के रूपेश कुमार, छात्र राजद के जिला अध्यक्ष ई. निरंजन किशन, बिदन यादव, प्रशांत कुमार, एनएसयूआई के अमित कन्हैया, मंसू कुमार, छात्र लोजद के धीरज कुमार, छात्र रालोसपा के जिलाध्यक्ष शंकर मंडल, जाप छात्र परिषद के अध्यक्ष नरेश निराला, सुरेंद्र यादव, नीतीश यादव आदि मौजूद रहे।
सहरसा। रविवार को गांधी पथ स्थित शहीद जयप्रकाश भवन में एआईएसएफ, छात्र राजद, एनएसयूआई, छात्र रालोसपा, छात्र जेएसीपी और छात्र लोजद की संयुक्त बैठक हुई। एआईएसएफ नेता शंकर कुमार की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में सीएए और एनपीआर को लेकर समाज को बांटने का आरोप लगाते हुए केन्द्र सरकार की निदा की गई। छात्र संगठनों के नेताओं ने कहा कि एनपीआर और सीएए तथा एनआरसी लाकर केंद्र की एनडीए सरकार जनता के मूल समस्याओं से ध्यान भटका रही है। कहा कि महंगाई बेतहाशा बढ़ गई है। किसान आत्महत्या करने के लिए मजबूर हो रहे हैं। श्रम अधिकारों में कटौती हो रही है। छात्र अपने अधिकार की बात करते हैं तो पुलिस की लाठी के बल पर आंदोलन को दबाया जा रहा है। पूरे देश में महिलाओं और छात्राओं के साथ अत्याचार और बलात्कार की घटना घट रही है। बिहार सरकार सुशासन के नाम पर आतंक मचा रही है। सरकारी खजाने के रूपए को पानी की तरह बहाया जा रहा है। बिहार में तानाशाही और अपराध चरम है। इसके लिए एकताबद्ध होकर आंदोलन के लिए आह्वान किया। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया 30 दिसंबर को शहर के सभी चौक चौराहों पर सीएए, एनपीआर तथा एनआरसी कानून से आम जनता पर पड़ने वाले प्रभाव के बारे में नुक्कड़ सभा के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। छात्र नेताओं ने 8 जनवरी 2020 को आम छात्र हड़ताल को सफल बनाने पर विचार किया। सहरसा जिले के सभी ,कॉलेज, हाई स्कूल तथा मध्य विद्यालयों को बंद कर सरकार की जनविरोधी नीति का विरोध करने का निर्णय लिया गया। बैठक में एआईएसएफ के रूपेश कुमार, छात्र राजद के जिला अध्यक्ष ई. निरंजन किशन, बिदन यादव, प्रशांत कुमार, एनएसयूआई के अमित कन्हैया, मंसू कुमार, छात्र लोजद के धीरज कुमार, छात्र रालोसपा के जिलाध्यक्ष शंकर मंडल, जाप छात्र परिषद के अध्यक्ष नरेश निराला, सुरेंद्र यादव, नीतीश यादव आदि मौजूद रहे।
