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Thursday, September 18, 2025

सहरसा में मृत किसानों ने मूंग बीज का किया उठाव: RTI से जानकारी मिलने के बाद मामले का खुलासा

सहरसा के सौर बाजार प्रखंड के समदा गांव में एक गंभीर अनियमितता सामने आई है। वित्तीय साल 2024-25 में 10 ऐसे किसानों के नाम पर मूंग के बीज वितरित किए गए, जिनकी मौत कई साल पहले हो चुकी है। इस मामले का खुलासा एक मृत लाभार्थी के बेटे ने RTI के माध्यम से जानकारी प्राप्त करने के बाद किया। उन्होंने कृषि विभाग के उच्चाधिकारियों को आवेदन देकर निष्पक्ष जांच की मांग की है।

दरअसल, सहरसा स्थित कृषि विज्ञान केंद्र अगवानपुर द्वारा वित्तीय वर्ष 2024-25 में अप्रैल माह मे सौर बाजार प्रखंड के बखरी गांव के 250 किसानों को चिन्हित कर मूंग के बीज उपलब्ध कराए गए। इस योजना के तहत प्रत्येक लाभार्थी को एक एकड़ में मूंग की फसल की जुताई के लिए 900 रुपए, दवा छिड़काव और पानी पटवन के लिए 500 रुपए तथा 12 किलो मूंग का बीज दिया गया था।

10 ऐसे लाभार्थियों के नाम जिनकी मौत पहले हो चुकी

सहुरिया पश्चिम पंचायत के बखरी गांव में वितरित की गई सूची में 10 ऐसे लाभार्थियों के नाम शामिल हैं, जिनकी मौत कई साल पहले हो चुकी है। उदाहरण के तौर पर, बखरी वार्ड नंबर 5 निवासी अरुण देवी पति जगदीश मिश्रा की मौत 17 जनवरी 2024 को हो चुकी है, लेकिन उनके नाम पर भी बीज उठाव का रिकॉर्ड दर्ज है।

RTI के जरिए सूची प्राप्त की

मृत लाभार्थी अरुल देवी के बेटे अशोक कुमार मिश्रा ने बताया कि जानकारी मिलने पर उसने RTI के जरिए सूची प्राप्त की। उनके दावे के अनुसार, ब्रह्मदेव महतो, मांगन मेहता, तेज नारायण मेहता, अड़हुल देवी, वासुदेव मेहता, जनार्दन मिस्त्री, कोकण महतो, नकछेदी महतो, महेंद्र मेहता और शंभू महतो सहित कुल 10 व्यक्तियों की मौत कई साल पहले हो चुकी है।

कृषि विभाग के अधिकारियों से मुलाकात कर आवेदन सौंपा

मिश्रा ने आरोप लगाया कि कृषि विज्ञान केंद्र अगवानपुर, सहरसा की सूची में ये मृत व्यक्ति 'जीवित' होकर मूंग के बीज का उठाव कर चुके हैं। उन्होंने इस कथित बड़े घोटाले की जांच के लिए अटारी, पटना और भागलपुर जिले के सबौर स्थित कृषि विभाग के अधिकारियों से मुलाकात कर आवेदन सौंपा है। इस लिस्ट में ऐसे कृषक का भी नाम है जिनके पास एक एकड़ भूमि भी नहीं और वह लाभार्थी बन गए।

विभागीय स्तर पर जांच करवाई जा रही- प्रवीण कुमार

इधर सहरसा कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक प्रवीण कुमार राय से सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि विभागीय इंटरनल मामला है। मूंग बीज के वितरण में मृत लोगो के नाम पर लाभार्थी का नाम अंकित है। फिलहाल इसको लेकर विभागीय स्तर पर जांच करवाई जा रही है, जांच रिपोर्ट विभाग को सौंपा जाएगा।