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जमुई स्थित खादीग्राम परिसर में स्थापित महात्मा गांधी की प्रतिमा के साथ लगे तीन प्रतीकात्मक बंदरों में से एक रहस्यमय तरीके से गायब हो गया है। गायब हुई प्रतिमा 'बुरा मत देखो' का संदेश देने वाले बंदर की थी। घटना सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी है और परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि असामाजिक तत्वों ने गांधी प्रतिमा परिसर को नुकसान पहुंचाते हुए बंदर की प्रतिमा चोरी कर ली। लोगों का कहना है कि यह घटना परिसर की लचर सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक उदासीनता को उजागर करती है।
खादीग्राम समग्र सेवा के प्रतिनिधि संजीव कुमार ने बताया कि गांधी प्रतिमा के चबूतरे पर लगी टाइल्स कई महीनों से टूटी हुई हैं। सुरक्षा के लिए लगाए गए लोहे के एंगल भी धीरे-धीरे चोरी हो चुके हैं। परिसर में पर्याप्त रोशनी और सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था नहीं होने के कारण शाम होते ही यहां असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लग जाता है।
उन्होंने बताया कि परिसर में अक्सर सिगरेट, गुटखा और अन्य नशीले पदार्थों के खाली पैकेट बिखरे मिलते हैं। पिछले वर्ष गांधी प्रतिमा पर थूकने की घटना भी सामने आई थी, जिससे लोगों में काफी आक्रोश पैदा हुआ था। इसके बावजूद सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत नहीं किया गया।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि गांधी प्रतिमा परिसर अब सोशल मीडिया रील्स बनाने का केंद्र बनता जा रहा है। आए दिन युवक-युवतियां यहां भोजपुरी गीतों पर वीडियो शूट करते नजर आते हैं। हाल ही में प्रतिमा स्थल के पास रील बनाने का एक वीडियो भी वायरल हुआ था।
गौरतलब है कि 16 नवंबर 2022 को तुषार गांधी ने छह फीट ऊंची गांधी प्रतिमा का अनावरण किया था। प्रतिमा के साथ गांधी जी के तीन प्रसिद्ध बंदरों की मूर्तियां स्थापित की गई थीं, जो 'बुरा मत देखो', 'बुरा मत सुनो' और 'बुरा मत कहो' का संदेश देती हैं।
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कुमार संजीव ने कहा कि घटना की जांच की जा रही है। दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की